नवादा : जिले के मेसकौर प्रखंड सीतामढ़ी थाना क्षेत्र अंतर्गत आजीतगढ़ गांव में सड़क सुविधा के अभाव ने एक बार फिर दर्दनाक घटना को जन्म दिया है। समय पर इलाज नहीं मिल पाने के कारण गर्भवती महिला की रास्ते में मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर है, वहीं प्रशासनिक लापरवाही को लेकर लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है। मृतका की पहचान अजीतगढ़ निवासी प्रेम राजवंशी की पत्नी बबिता देवी (26 वर्ष) के रूप में हुई है।
परिजनों के अनुसार, बबिता देवी गर्भवती थीं और पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रही थीं। बुधवार की रात अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद परिजन उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाने की तैयारी में जुट गए। पति प्रेम राजवंशी ने बताया कि गांव तक पक्की सड़क नहीं होने के कारण कोई वाहन घर तक नहीं पहुंच पाता है। मजबूरी में ग्रामीणों की मदद से उनकी पत्नी को करीब 200 मीटर तक खाट पर उठाकर मुख्य सड़क तक लाया गया। वहां वाहन की व्यवस्था करने में काफी समय लग गया, जिससे उनकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई।
अंततः अस्पताल पहुंचने से पहले रास्ते में मौत हो गई। उन्होंने बताया कि इलाज के दौरान कभी खून की कमी जैसी गंभीर समस्या की जानकारी नहीं दी गई थी, जिससे परिजनों को उम्मीद थी कि समय पर इलाज मिलने पर उनकी जान बच सकती थी। ग्रामीणों ने बताया कि अजीतगढ़ गांव में लंबे समय से सड़क निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है। गांव तक पहुंचने के लिए कच्चा रास्ता ही सहारा है, जो बरसात और आपात स्थिति में पूरी तरह अनुपयोगी हो जाता है।
ग्रामीण उपेंद्र राजवंशी और भाजपा के बीस सूत्री अध्यक्ष अजय कुमार गुप्ता ने कहा कि जल्द ही समस्या के समाधान का प्रयास किया जाएगा और सड़क निर्माण के लिए पहल की जाएगी। घटना के बाद ग्रामीणों में जबर्दस्त आक्रोश है। लोगों ने सरकार और प्रशासन से अविलंब सड़क निर्माण कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते सड़क बन जाती तो एक परिवार उजड़ने से बच सकता था। साथ ही चेतावनी दी गई है कि जल्द कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन किया जाएगा।
भईया जी की रिपोर्ट