– अधिकारियों ने लूट की दें रखी है खुली छूट
नवादा : जिले में अधिकारियों ने गरीबों के निवाले पर डाका डालने की पीडीएस विक्रेताओं को खुली छूट दे दी है। हालात यह है कि पीडीएस विक्रेताओं को फर्जी अनुज्ञप्ति तक जारी करने से भी अधिकारियों गुरेज नहीं है। रजौली प्रखंड क्षेत्र के अमांवा के फर्जी पीडीएस विक्रेता योगेन्द्र पासवान को बचाने में तो अधिकारियों ने सारी हदें पार कर दी।
हांलांकि एक बार फिर सचिव खाद्य पटना के आदेश के आलोक में तीन सदस्यीय जांच कमिटी द्वारा जांच की जा रही है, परिणाम भविष्य के गर्भ में है। ऐसा ही एक मामला सिरदला प्रखंड क्षेत्र के घघट पंचायत का है। उमेश प्रसाद को अधिकारियों ने फर्जी तरीके से अनुज्ञप्ति जारी कर दी। आरोपी को बचाने में अधिकारियों ने सारी सीमाएं तोड़ दी। मामला उच्च न्यायालय पहुंचा। परिणाम आना शेष है।
इस बीच उमेश प्रसाद की मृत्यु 11 अप्रैल को हो गयी। हालात यह है कि प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी द्वारा अबतक उच्च अधिकारियों को सूचना तक उपलब्ध नहीं करायी जा रही है। परिणाम है कि खाद्यान्न वितरण का कार्य जारी है। नियमत: मृत्यु की सूचना आपूर्ति पदाधिकारी को वरीय अधिकारियों को उपलब्ध कराया जाना है। मौत के तत्काल बाद उक्त दुकान को बगल के पीडीएस विक्रेता को सौंपने के बजाय लूट की खुली छूट दे दी गयी है।
भईया जी की रिपोर्ट