JDU नेता और राज्यसभा के उप सभापति हरिवंश नारायण सिंह राज्यसभा में बने रहेंगे। उनका राज्यसभा में जाने का रास्ता साफ हो गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने हरिवंश नारायण सिंह को मनोनित सदस्य के रूप में नियुक्त करने का आदेश जारी कर दिया है। हरिवंश सिंह का राज्यसभा में कार्यकाल कुछ दिन पहले की खत्म हुआ था। इस फैसले के बाद हरिवंश नारायण सिंह एक बार फिर राज्यसभा में सक्रिय भूमिका निभाते नजर आएंगे और संसदीय कार्यों में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करेंगे। हरिवंश सिंह के राज्यसभा में फिर से मनोनयन का गृह मंत्रालय के गजट में भी एलान कर दिया गया है। गृह मंत्रालय के गजट के अनुसार एक सदस्य की सेवानिवृत्ति के बाद खाली हुई सीट पर राष्ट्रपति ने उन्हें मनोनीत किया है। उनका पिछला कार्यकाल 9 अप्रैल 2026 को समाप्त हुआ था, जिसके बाद उन्हें पूर्व CJI रंजन गोगोई की रिक्ति के बाद राष्ट्रपति कोटे से राज्यसभा में फिर से भेजा गया है। अब उनका नया कार्यकाल शुरू होगा।
रास चुनाव में उम्मीदवार नहीं थे नीतीश के करीबी हरिवंश
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के काफी करीबी रहे हरिवंश 2014 में पहली बार राज्यसभा सदस्य के रूप में चुने गए थे।इसके बाद वे लगातार इस पद पर रहे। वे 9 अगस्त 2018 को राज्यसभा के उपसभापति बनाए गए। इसके बाद फिर 14 सितंबर 2020 को राज्यसभा के उपसभापति निर्वाचित हुए थे। उनका अगला कार्यकाल 2032 तक रहेगा। प्रख्यात पत्रकार रहे हरिवंश नारायण सिंह जो हरिवंश नाम से चर्चित हैं, उत्तर प्रदेश के बलिया निवासी हैं। 30 जून 1956 के जन्में हरिवंश ने काशी हिंदू विश्वविद्यालय से स्नातक और पत्रकारिता की पढ़ाई की। इस बार हाल में हुए राज्यसभा चुनाव के समय उनका नाम जदयू की तरफ से उम्मीदवारों की सूची में नहीं था। ऐसे में कयास लगाए जा रहे थे कि यह उनका अंतिम कार्यकाल होगा, लेकिन अब कयासों पर अब विराम लग चुका है।
पत्रकारिता और राजनीतिक जीवन का लंबा अनुभव
नीतीश के बेहद करीबी माने जाने वाले हरिवंश अब राज्यसभा में लगातार तीसरा कार्यकाल शुरू करेंगे। हरिवंश नारायण सिंह ने प्राथमिक शिक्षा अपने गांव से सटे टोला काशी राय के स्कूल में प्राप्त की थी। सन 1971 में उन्होंने जयप्रकाश नगर के जेपी इंटर कालेज सेवाश्रम से हाईस्कूल की परीक्षा पास की थी। इसके बाद वे वाराणसी पहुंचे और इंटरमीडिएट किया। इसके बाद काशी हिंदू विश्वविद्यालय से स्नातक किया और पत्रकारिता में डिप्लोमा हासिल किया। हरिवंश ने अपना बतौर पत्रकार करियर टाइम्स ग्रुप में बतौर पत्रकार शुरू किया था। हालांकि इसके बाद बैंक में भी नौकरी की थी। उन्होंने सन 1981 से 1984 तक हैदराबाद और पटना में बैंक ऑफ इंडिया में सेवाएं दी थीं। हालांकि जल्द ही वे पत्रकारिता के पेशे में वापस आ गए थे। वे सन 1984 से 1989 तक आनंद बाजार पत्रिका समूह की साप्ताहिक पत्रिका रविवार में सहायक संपादक रहे। इसके बाद 1990 के दशक में वे बिहार-झारखंड के प्रतिष्ठित अखबार प्रभात खबर से जुड़ गए। इस समाचार पत्र में उन्होंने दो दशक से अधिक समय तक सेवाएं दीं।