असम में आज 9 अप्रैल को 126 विधानसभा सीटों के लिए मतदान हो रहा है। सीएम हिमंता सरमा ने आज चुनाव के दिन सुबह-सुबह मां कामाख्या मंदिर जाकर पूजा-अर्चना की और राज्य की प्रगति के लिए मां का आशीर्वाद मांगा। यहां सभी सीटों पर एक ही चरण में चुनाव करवाए जा रहे हैं। लेकिन मतदान शुरू होने से ठीक पहले असम की एक सीट उदालगुड़ी की अचानक चर्चा होने लगी है। इस सीट से कांग्रेस उम्मीदवार ने वोटिंग से ठीक पहले अपनी पार्टी को बुरा-भला कहते हुए पार्टी छोड़ने की घोषणा कर दी। ऐसी स्थिति में यहां का चुनाव काफी दिलचस्प हो गया है। वोटर लिस्ट पर कांग्रेस के जिस उम्मीदवार का नाम है, वह उम्मीदवार पार्टी से ही नाता तोड़ चुका है।
उदालगुड़ी सीट से कांग्रेस उम्मीदवार सुरेन डाइमरी ने चुनाव शुरू होने के ठीक पहले पार्टी से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपने इस फैसले के लिए पार्टी नेतृत्व को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि उनके साथ धोखा हुआ है। कांग्रेस के 73 वर्षीय नेता डाइमरी ने पार्टी के प्रति अपनी निराशा व्यक्त करते हुए कांग्रेस को एक धोखेबाज पार्टी बताया। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि पार्टी नेतृत्व ने मेरे साथ धोखा किया। मुझे टिकट देने के बाद भी कोई जवाब नहीं दिया। मैंने उन्हें कई बार फोन किया, लेकिन उन्होंने जवाब नहीं दिया। डाइमरी ने आगे कहा कि मुझे कोई समर्थन नहीं मिला। इसीलिए मैंने पार्टी से किनारा कर लिया। डाइमरी ने यह भी आरोप लगाया कि पार्टी ने उनके साथ गद्दारी की है और उनकी पीठ में छुरा घोंपा है।
उदालगुड़ी में हुए इस अप्रत्याशित घटनाक्रम के लिए पार्टी के वरिष्ठ नेता दीप बयां ने बीजेपी का हाथ बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा उम्मीदवारों को प्रभावित करने का प्रयास कर रही है। आगे बताया कि प्रदेश में राजनीतिक नेताओं को पैसे देकर खरीदने के प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे प्रयासों से पार्टी के प्रदर्शन पर कोई असर नहीं पड़ेगा और कांग्रेस को अभी भी पूरे राज्य में जनता का भरपूर समर्थन प्राप्त है। पार्टी भविष्य में उम्मीदवारों के चयन में अधिक सावधानी बरतेगी। आज के चुनाव में जनता अपने मत के माध्यम से जवाब देगी। हमें विश्वास है कि असम की जनता भारी संख्या में कांग्रेस का समर्थन करेगी और हम सरकार बनाएंगे।