एक तरफ जहां RJD नेता तेजस्वी यादव केरल में सीपीएम के नेतृत्व वाले गठबंधन एलडीएफ के पक्ष में प्रचार में व्यस्त हैं, वहीं बिहार में उनकी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल में टूट की अटकलें लगाई जा रही हैं। तेजस्वी के केरल में चुनाव प्रचार के बीच आज गुरुवार को पटना में आरजेडी के विधायक फैसल रहमान ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद बिहार में सियासी हलचल चरम पर पहुंच गई है। फैसल रहमान RJD के वही विधायक हैं जिन्होंने हाल ही में हुए राज्यसभा चुनाव के दौरान महागठबंधन के प्रत्याशियों को वोट नहीं दिया, और वोटिंग से गायब रहकर एक तरह से NDA की चुनाव जीतने में बड़ी मदद की थी।
तेजस्वी केरल में LDF के चुनाव प्रचार में व्यस्त
प. चंपारण की ढाका सीट से राजद विधायक फैसल रहमान के सीएम नीतीश से इस मुलाकात के बाद राष्ट्रीय जनता दल में अंदरूनी कलह और संभावित टूट की हवा काफी तेज बहनी शुरू हो गई है। फैसल रहमान की नीतीश कुमार से हुई इस मुलाकात को साधारण शिष्टाचार भेंट मानने को विपक्ष तैयार नहीं है। खासकर ऐसे समय में जब बिहार की राजनीति लगातार उठापटक के दौर से गुजर रही है, इस मुलाकात के कई सियासी मायने भी निकाले जा रहे हैं। सवाल उठ रहे हैं कि क्या आरजेडी के भीतर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है और क्या पार्टी टूट की ओर बढ़ रही है? राज्यसभा चुनाव के बाद फैसल रहमान को विधान परिषद में सभापति बनाए जाने का मुद्दा भी खासी चर्चा मेें है। जबकि राजद की तरफ से अभी तक राज्यसभा चुनाव से गायब रहक बागी हुए अपने विधायक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
पोस्ट से दी सीएम से मुलाकात की जानकारी
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की जानकारी राजद के बागी विधायक फैसल रहमान ने खुद सोशल मीडिया पर अपने एक पोस्ट के माध्यम से दी। उन्होंने पोस्ट में लिखा कि ढाका क्षेत्र के सर्वांगीण विकास को लेकर आज बिहार के माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी से शिष्टाचार भेंट की। फैसल रहमान ने आगे लिखा—’सीएम से मुलाकात के दौरान क्षेत्र के चौमुखी विकास के लिए सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, सिंचाई एवं बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी विभिन्न महत्वपूर्ण योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। माननीय मुख्यमंत्री जी ने सभी प्रस्तावों पर सकारात्मक आश्वासन दिया तथा क्षेत्र के विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। मुझे पूर्ण विश्वास है कि इन योजनाओं के क्रियान्वयन से ढाका के विकास को नई गति मिलेगी और आमजन को इसका व्यापक लाभ प्राप्त होगा।
कांग्रेस-राजद विधायकों पर कोई कार्रवाई नहीं
गौरतलब है कि कांग्रेस के 3 विधायकों के साथ फैसल रहमान भी वही आरजेडी विधायक हैं जिन्होंने हालिया राज्यसभा चुनाव के दौरान महागठबंधन के अधिकृत प्रत्याशियों के पक्ष में वोट नहीं किया था। उनके और कांग्रेस विधायकों के क्रॉस वोटिंग करने के कारण ही महागठबंधन के उम्मीदवार अमरेंद्र धारी सिंह को हार का सामना करना पड़ा। इस घटनाक्रम ने उस समय भी गठबंधन की एकजुटता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इसके अलावा राज्यसभा चुनाव के बाद फैसल रहमान को विधान परिषद में सभापति बनाए जाने का मुद्दा भी खासा चर्चित है। अब उनकी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात ने सियासी चर्चाओं को और हवा दे दी। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह मुलाकात आगामी राजनीतिक समीकरणों की ओर इशारा करती है और इसकी परिणति राजद की टूट के रूप में सामने आये तो कोई आश्चर्य नहीं होगा।
मालूम हो कि अभी 2 दिन पहले ही कांग्रेस के तीन बागी विधायक में से एक ने भी ग्रामीण कार्य मंत्री अशोक चौधरी से मुलाकात की थी। तब कांग्रेस विधायक ने मुलाकात पर सफाई देते हुए कहा था कि क्षेत्र के विकास की योजना को लेकर मंत्री के पास गए थे। राजद की तरह ही कांग्रेस की तरफ से भी अपने बागी विधायकों पर कार्रवाई की बात जरूर कही गई है, लेकिन अभी तक ना तो आरजेडी की तरफ से और न ही कांग्रेस की तरफ से कोई लिखित आवेदन कार्रवाई के लिए विधानसभा अध्यक्ष को दिया गया है।