पटना : राज्यसभा चुनाव में जीत दर्ज करने के बाद संवैधानिक बाध्यताओं के तहत मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस्तीफे के साथ ही बिहार में उनके लंबे नेतृत्व का एक अध्याय फिलहाल थम गया है, जिसे लेकर जदयू और भाजपा के नेता भावुक नजर आए। वहीं, इस इस्तीफे के बाद विपक्ष नेता तेजस्वी यादव ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि साजिश का शिकार होने के बाद भी नीतीश कुमार पूरी तरह भाजपा के सामने झुक गए हैं। तो वहीं, तेजस्वी के आरोप पर मंत्री दिलीप जैस्वाल का तीखा तंज करते हुए कहा कि ‘मेरे अँगने में तुम्हर क्या काम है।’
दरअसल, बिहार सरकार में उद्योग मंत्री दिलीप जायसवाल ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा इस्तीफा देने के बाद मीडिया से बात करते हुए कहा कि राज्यसभा चुनाव जीतने के बाद 14 दिनों के भीतर पिछले पद से इस्तीफा देना अनिवार्य होता है। उन्होंने कहा, “नीतीश जी हमारे अभिभावक हैं, उनके दिल्ली जाने से बिहार में उनकी कमी खलेगी। यह फैसला स्वयं मुख्यमंत्री जी का है।” इसमें किसी और का कोई भी इंटरफेरेंस नहीं है। वहीँ, तेजस्वी यादव का आरोप कि बीजेपी ने नीतीश कुमार को बिहार की राजनीति से बाहर करने के लिए साजिश रची है और वो पूरी तरह बीजेपी के सामने झुक गए हैं।
इन आरोपों पर पलटवार करते हुए मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा, “एनडीए और मुख्यमंत्री जो निर्णय लेते हैं, उसमें विपक्ष का ‘मेरे आंगन में क्या काम’ है? नीतीश जी हमारे अभिभावक हैं, बीच में ये ‘सौतेले लोग’ कहाँ से आ जाते हैं।” बता दें कि अपने इस्तीफे से कुछ समय पहले मुख्यमंत्री ने पटना विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन और आर्ट्स फैकल्टी बिल्डिंग का उद्घाटन किया। इस दौरान डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा और शिक्षा मंत्री सुनील कुमार भी मौजूद रहे। शिक्षा मंत्री ने इसे छात्रों के लिए बड़ी उपलब्धि बताया, लेकिन मुख्यमंत्री के जाने को “दुख की घड़ी” करार दिया।