पटना/बाढ़ : बाढ़ के भटगांव स्थित श्री भुवनेश्वरी राजा महाविद्यालय के संस्थापक एवं उदार समाजसेवी शशि भूषण प्रसाद सिंह उर्फ “शशि बाबू” की 96वीं जयंती के अवसर पर आयोजित पुष्पांजलि समारोह श्रद्धा और सम्मान के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि स्थानीय विधायक डॉ. सियाराम सिंह ने कहा कि शशि बाबू जैसे पुरुषार्थी और दानी व्यक्ति ही समाज में सच्चे अर्थों में पूजित होते हैं। उन्होंने कहा कि व्यक्ति भले ही इस संसार से चला जाता है, लेकिन अपने आदर्श व्यक्तित्व और कालजयी कृतित्व के माध्यम से सदैव जीवित रहता है। विशिष्ट अतिथि नवपदस्थापित एसडीपीओ राम कृष्ण ने कहा कि बड़ी संख्या में प्रबुद्धजनों की उपस्थिति इस बात का प्रमाण है कि शशि बाबू एक यशस्वी और सम्मानित व्यक्तित्व थे। उनके द्वारा स्थापित महाविद्यालय समाज के लिए एक अमूल्य धरोहर है, जो आने वाली पीढ़ियों को शिक्षा का प्रकाश देता रहेगा।
समारोह के संयोजक एवं शशि बाबू के इकलौते सुपुत्र, महाविद्यालय के सचिव सह शिक्षाविद डॉ. राकेश प्रसाद सिंह उर्फ “गुड्डू बाबू” ने उनके अधूरे सपनों को साकार करने का संकल्प दोहराया। उन्होंने बताया कि “शशि बाबू सर्व समाज कल्याण ट्रस्ट” के माध्यम से गरीबों और जरूरतमंदों के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। कार्यक्रम का संचालन महाविद्यालय के पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष, कांग्रेस नेता एवं साहित्यकार हेमंत कुमार ने किया। अतिथियों का स्वागत प्राचार्य नवीन कुमार, हिंदी प्राध्यापक कृष्णमोहन प्रसाद सिंह, पूर्व प्राचार्य सुनील कुमार सिंह एवं डॉ. अशोक कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से किया।
नूनूवती जगदेव सिंह महाविद्यालय, बख्तियारपुर के पूर्व प्राचार्य पं. सुरेश द्विवेदी की अध्यक्षता में आयोजित इस समारोह को बाढ़ प्रखंड के पंचायत राज पदाधिकारी सह शिक्षा पदाधिकारी अमित कुमार, जद(यू) नेता प्रो. शंकर सिंह, कांग्रेस नेता ठाकुर विजय कुमार सिंह, नाटककार बालमुकुंद शर्मा, मानस कथा वाचक संत जयराम जी, जद(यू) के पूर्व जिलाध्यक्ष अशोक चंद्रवंशी, पूर्व प्राचार्य सत्येंद्र प्रसाद सिंह, वरिष्ठ कवि जितेंद्र चैतन्य, समाजसेवी शत्रुघ्न प्रसाद सिंह “गांधी जी”, मोकामा नगर परिषद के चेयरमैन नीलेश कुमार, बाढ़ नगर परिषद के चेयरमैन संजय कुमार “गाय माता”, किसान नेता शंभू नारायण सिंह, शिक्षक पं. बालकृष्ण उपाध्याय, भाजपा नेता मुकेश कुमार सिंह एवं समाजसेवी सत्यनारायण प्रसाद सहित दर्जनों वक्ताओं ने संबोधित किया। कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन प्रो. धीरज कुमार ने किया।
सत्यनारायण चतुर्वेदी की रिपोर्ट