एलपीजी गैस सिलेंडर बुकिंग के नए नियमों को लेकर वायरल हो रही खबरें फर्जी हैं। केंद्र की मोदी सरकार ने यह साफ किया है कि पहले से तय 25 दिन और 45 दिन के बुकिंग टाइमलाइन में कोई बदलाव नहीं किया गया है। देश में गैस का पर्याप्त भंडार है, इसलिए लोग आपाधापी में पैनिक बुकिंग नहीं करें। दरअसल पिछले 24 घंटे से विभिन्न समाचार पत्रों और मीडिया माध्यमों में रसोई गैस सिलिंडर के बुकिंग अंतराल में तेल कंपनियों द्वारा बड़ा बदलाव किये जाने की खबरें चल रही थीं। इसमें नई व्यवस्था के तहत अब उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों और सामान्य उपभोक्ताओं के लिए रिफिल बुकिंग की समय सीमा अलग-अलग तय किये जाने की जानकारी दी जा रही थी। लेकिन अब केंद्र सरकार ने इन खबरों को पूरी तरह से खारिज करते हुए एलपीजी सिलिंडर बुकिंग पर कहा है कि इसके लिए पुराने नियम ही लागू हैं। इसमें बदलाव की सारी खबरें फेक न्यूज हैं।
सरकार की तरफ से यह बताया गया कि सोशल मीडिया और अन्य न्यूज माध्यमों के जरिये ऐसी खबरें चलाई जा रही हैं कि एलपीजी बुकिंग के नियमों में बदलाव किया गया है। इसके तहत अब प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए 14.2 किलोग्राम वाले सिलिंडर की बुकिंग का अंतर 35 दिन से बढ़ाकर 45 दिन कर दिया गया है। वहीं, सामान्य घरेलू उपभोक्ताओं के लिए एक सिलेंडर वालों हेतु यह सीमा 25 दिन और दो सिलिंडर वाले ग्राहकों के लिए रिफिल बुक करने की सीमा 25 की जगह 35 दिन कर दी गई है। परंतु आज बुधवार को केंद्र सरकार के सूत्रों ने मीडिया संस्थानों पर चल रही इन खबरों को फर्जी करार दिया।
रसोई गैस बुकिंग अंतराल पर सरकार ने साफ कहा कि इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है। सिलिंडर बुकिंग अंतराल को लेकर जो खबरें चलाई जा रही हैं, वे भ्रामक हैं। आम लोगों से इन अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील करते हुए सरकार ने कहा है कि बुकिंग के पुराने नियम ही लागू हैं और लोग कोई पैनिक बुकिंग न करें। सरकार की तरफ से स्पष्ट कहा गया है कि शहरी क्षेत्रों में पूर्व की भांति ही 25 दिनों पर सिलिंडर की बुकिंग होगी, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में यह समयसीमा पूर्व की तरह 45 दिन् ही रहेगी। नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी तरह के अफवाह या भ्रामक सूचना के चक्कर में न पड़ें। सरकार ने तेल और गैस की पर्याप्त व्यवस्था कर रखी है और इसे आगे भी सुनिश्चित किया जाएगा।