– जमीन अधिग्रहण के लिए गठित होगा ‘काला’ (CALA), पटना-पूर्णिया एक्सप्रेस-वे समेत कई बड़े प्रोजेक्ट्स की बाधाएं होंगी दूर
पटना : बिहार में सड़क बुनियादी ढांचे को वैश्विक स्तर पर ले जाने के लिए नीतीश सरकार ने एक बड़ा रोडमैप तैयार किया है। इसके लिए सात महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) परियोजनाओं के निर्माण को लेकर सरकार अब ‘एक्शन मोड’ में आ गई है। इन परियोजनाओं के धरातल पर उतरने से राज्य के 21 जिलों को सीधे तौर पर लाभ मिलेगा। सड़क निर्माण की प्रक्रिया में सबसे बड़ी बाधा जमीन अधिग्रहण को माना जाता है, जिसे दूर करने के लिए सरकार ने सक्षम प्राधिकरण (Competent Authority For Land Acquisition – CALA) के गठन की प्रक्रिया तेज कर दी है।
जानकारी के अनुसार, जिन प्रमुख सड़कों के लिए जमीन अधिग्रहण शुरू किया जा रहा है। उनमें शामिल हैं:
1. पटना-आरा-सासाराम (NH-119A)
2. मोकामा-मुंगेर (NH-33)
3. साहेबगंज-अरेराज (NH-139W)
4. पटना-पूर्णिया एक्सप्रेस-वे
5. गोरखपुर-सिलीगुड़ी हाईस्पीड कॉरिडोर
6. रक्सौल-हल्दिया हाईस्पीड कॉरिडोर
7. परसरमा-अररिया (NH-327E)
मुआवजा वितरण और शिकायतों के लिए विशेष व्यवस्था
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने जिलों को ‘काला’ (CALA) के गठन और कार्यान्वयन के निर्देश जारी किए हैं। जिलास्तरीय अधिकारी इसके अध्यक्ष होंगे, जबकि अनुमंडल और अंचल स्तर के अधिकारी जमीन अधिग्रहण की जिम्मेदारी संभालेंगे। यह प्राधिकरण न केवल जमीन लेगा, बल्कि जमीन मालिकों को उचित मुआवजा सुनिश्चित करने और उनकी शिकायतों का त्वरित निपटारा करने का काम भी करेगा।
हर महीने होगी समीक्षा, बनेगी स्पेशल टास्क फोर्स
NHAI की परियोजनाओं को गति देने के लिए राज्य सरकार एक विशेष टास्क फोर्स (STF) बनाने पर विचार कर रही है। यह एक अंतर-विभागीय समन्वय समिति होगी, जिसमें पथ निर्माण, राजस्व, वन, बिजली कंपनी और रेलवे के अधिकारी शामिल होंगे। इस कमेटी की हर महीने बैठक अनिवार्य होगी, ताकि वन विभाग की एनओसी (NOC) या बिजली के खंभों को हटाने जैसी बाधाओं को समय रहते दूर किया जा सके।
आर्थिक गतिविधियों को मिलेगी नई रफ्तार
इन परियोजनाओं के पूरा होने से उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच का फासला कम होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इन हाईस्पीड कॉरिडोर से व्यापार, उद्योग और पर्यटन को नई ऊंचाइयां मिलेंगी। ग्रामीण इलाकों की कनेक्टिविटी बेहतर होने से स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार के अवसरों में भारी वृद्धि होने की संभावना है।