पटना : बिहार विधानसभा को शुक्रवार को एक धमकी भरा ईमेल मिला, जिसमें परिसर को बम से उड़ाने की चेतावनी दी गई थी। इस घटना के बाद हड़कंप मच गया और आनन-फानन में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने सचिवालय के वरीय अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की। सुरक्षा के मद्देनजर बम स्क्वाड और डॉग स्क्वाड की टीम ने विधानसभा परिसर के चप्पे-चप्पे की तलाशी ली। वहीं, सुरक्षा एजेंसियां अब उस ईमेल के IP एड्रेस को ट्रैक करने में जुटी हैं ताकि धमकी भेजने वाले तक पहुंचा जा सके।
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को बिहार विधानसभा के आधिकारिक पते पर एक धमकी भरा ईमेल प्राप्त हुआ। यह धमकी ऐसे समय में आई है जब 16 मार्च को राज्यसभा चुनाव के लिए मतदान होना है। विधानसभा अध्यक्ष ने मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रभारी सचिव ख्याति सिंह को निर्देश दिया कि वे मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक (DGP) को तत्काल सूचित करें।
पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर बम स्क्वाड और डॉग स्क्वाड की टीम के साथ मिलकर विधानसभा परिसर के चप्पे-चप्पे की तलाशी ली। हालांकि, अब तक की जांच में कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है। जनसंपर्क पदाधिकारी के अनुसार, अध्यक्ष ने पूरे परिसर की सुरक्षा चाक-चौबंद करने और हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखने का आदेश दिया है।
गौरतलब है कि बिहार में संस्थानों को बम से उड़ाने की यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले फरवरी 2026 में पटना, बक्सर, पूर्णिया, किशनगंज और खगड़िया समेत कई जिलों के कोर्ट को ईमेल के जरिए ऐसी ही धमकियां मिली थीं, जिससे न्यायिक कार्यों में भी बाधा आई थी। प्रारंभिक जांच के आधार पर पुलिस इसे किसी शरारती तत्व या सिरफिरे की हरकत मान रही है। सुरक्षा एजेंसियां अब उस ईमेल के IP एड्रेस को ट्रैक करने में जुटी हैं ताकि धमकी भेजने वाले तक पहुंचा जा सके। फिलहाल विधानसभा परिसर में सुरक्षा व्यवस्था सामान्य से अधिक कड़ी कर दी गई है।