पटना मेट्रो : करोड़ों का खर्च, मुट्ठी भर सवारी! राजधानी में बड़े तामझाम के साथ शुरू हुई मेट्रो सेवा अब सफेद हाथी साबित हो रही है। उद्घाटन के महज साढ़े चार महीने बाद ही चौंकाने वाली तस्वीरें सामने आई हैं, जहाँ ऑफिस टाइम में भी मेट्रो की बोगियां पूरी तरह खाली दौड़ रही हैं। आलम यह है कि रोजाना का खर्च 18 लाख रुपये से अधिक है, जबकि कमाई मात्र चंद हजार रुपयों तक सिमट गई है।
बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले 6 अक्टूबर 2025 को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जिस पटना मेट्रो का सपना प्रदेशवासियों को दिखाया था, वह फिलहाल पटरी से उतरी नजर आ रही है। साढ़े चार महीने के परिचालन के बाद मेट्रो की आर्थिक और व्यावहारिक स्थिति बेहद चिंताजनक है। मंगलवार सुबह 10 बजे, जब शहर की सड़कों पर भारी जाम होता है, पटना मेट्रो के भीतर की तस्वीर बिल्कुल उलट थी।
‘भूतनाथ स्टेशन’ से ‘पाटलिपुत्र बस टर्मिनल’ के बीच हुए रियलिटी चेक में जो तथ्य सामने आए हैं। उसके अनुसार तीन बोगियों वाली ट्रेन में मात्र 4 यात्री सफर कर रहे थे। वापसी के फेरे में भी यह संख्या केवल 9 तक ही पहुँच पाई। मेट्रो की तीन में से दो बोगियां पूरी तरह खाली दौड़ रही हैं। पटना मेट्रो के परिचालन का आर्थिक ढांचा फिलहाल भारी घाटे का संकेत दे रहा है।
प्रतिदिन 24 फेरों (12 अप-डाउन) के बावजूद औसतन 156 यात्री ही सफर कर रहे हैं, जिससे महज 4 से 5 हजार रुपये की टिकट बिक्री हो रही है। वहीं, इसके रखरखाव, बिजली, कर्मचारियों की सैलरी और मेंटेनेंस मिलाकर प्रतिदिन के खर्च की बात करें तो 18 लाख रुपये से अधिक आ रहा है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) को मार्च 2028 तक परिचालन के लिए 179.37 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाना है।
जानकारों और यात्रियों का मानना है कि मेट्रो का रूट फिलहाल बहुत छोटा और सीमित है। अभी मेट्रो केवल तीन स्टेशनों के बीच चल रही है, जिससे आम जनता को खास लाभ नहीं मिल रहा। जब तक मेट्रो ‘पटना जंक्शन’ और अन्य प्रमुख व्यावसायिक इलाकों से नहीं जुड़ेगी, तब तक यात्रियों की संख्या में इजाफा होना मुश्किल है।
मेट्रो प्रशासन को उम्मीद है कि अगले महीने (मार्च) से भूतनाथ से मलाही पकड़ी तक 2.75 किलोमीटर के नए खंड पर परिचालन शुरू हो जाएगा। ‘कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेल सेफ्टी’ (CMRS) के निरीक्षण के बाद उद्घाटन की तारीख तय होगी। बता दें कि पूरे शहर में 31.9 किलोमीटर के नेटवर्क पर कुल 13,365 करोड़ रुपये खर्च होने हैं।