– 1.19 लाख किमी सड़कों व 2,834 पुलों का निर्माण पूरा, 7,133 किमी कार्य प्रगति पर
पटना : ग्रामीण कार्य विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य के ग्रामीण बुनियादी ढांचे के विस्तार और सुदृढ़ीकरण को लेकर 11,312.18 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया है। इस राशि में राज्य की विभिन्न योजनाएं और स्थापना व्यय शामिल हैं। विभाग का लक्ष्य सभी टोलों, बसावटों और गांवों को बारहमासी संपर्कता प्रदान करना तथा पुरानी सड़कों के सुदृढ़ीकरण और रखरखाव को प्राथमिकता देना है।
1.19 लाख किमी सड़क और 2,834 पुलों का निर्माण पूर्ण
विभाग के अनुसार, मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और ग्रामीण टोला संपर्क योजना जैसी राज्य एवं केंद्र प्रायोजित योजनाओं के तहत अब तक पूरे बिहार में 1,19,800.37 किलोमीटर ग्रामीण सड़कों तथा 2,834 पुलों का निर्माण कार्य पूरा किया जा चुका है। वर्तमान में राज्य भर में 7,133 किलोमीटर लंबी सड़कों का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है।
‘सात निश्चय-3’ के तहत 595 सड़कों का सत्यापन
राज्य सरकार के ‘सात निश्चय-3’ कार्यक्रम के अंतर्गत ग्रामीण पथों को चरणबद्ध तरीके से 5.5 मीटर (इंटरमीडिएट लेन) तक चौड़ा करने की योजना है। प्रखंड, अनुमंडल और जिला मुख्यालयों को राष्ट्रीय एवं राज्य उच्च पथों से जोड़ने वाली प्रमुख सड़कों के चौड़ीकरण के लिए विशेष मोबाइल ऐप के माध्यम से सर्वेक्षण पूरा किया गया है।
प्रथम चरण में 1,887.86 किलोमीटर लंबी 595 सड़कों का भौतिक सत्यापन किया गया है, जिनका निर्माण आगामी वित्तीय वर्ष में प्राथमिकता के आधार पर शुरू होगा। इसके अलावा, मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क योजना (अवशेष) के तहत 3,000 किलोमीटर नए ग्रामीण पथों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत 300 किलोमीटर नई सड़क और 300 नए पुलों के निर्माण की भी योजना है।
पुल निर्माण और रखरखाव पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ग्रामीण सेतु योजना के तहत अब तक 909 नए पुलों के निर्माण को स्वीकृति दी गई है, जिनमें से 660 पुलों के लिए एकरारनामा पूरा हो चुका है। इन पुलों के डिजाइन और गुणवत्ता की तकनीकी जांच राज्य के इंजीनियरिंग संस्थानों से कराई गई है। दीर्घकालिक रखरखाव के लिए विभाग ने ‘बिहार राज्य पुल प्रबंधन एवं संधारण नीति 2025’ को अपनाया है। पुरानी सड़कों और पुल-पुलियों के रखरखाव हेतु वित्तीय वर्ष 2026-27 में गैर-योजना मद से 2,000 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव है।
ग्रीन टेक्नोलॉजी और प्रशिक्षण पर फोकस
पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से ‘वेस्ट प्लास्टिक’ और ‘ग्रीन टेक्नोलॉजी’ का उपयोग करते हुए अब तक 7,214 किलोमीटर सड़कों का निर्माण किया गया है। सड़कों के किनारे 6.40 लाख पौधे लगाए गए हैं। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुधारने के लिए विभाग के 480 नवनियुक्त सहायक अभियंताओं को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान पटना में विशेष तकनीकी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। साथ ही, सड़कों के पंचवर्षीय अनुरक्षण में पारदर्शिता लाने के लिए ‘फेसलेस स्वशासी आधुनिक तकनीक’ विकसित की जा रही है, जिसे जल्द पूरे राज्य में लागू किया जाएगा। विभाग का दावा है कि इन पहलों से ग्रामीण संपर्कता मजबूत होगी, आवागमन सुगम बनेगा और राज्य के समग्र विकास को नई गति मिलेगी।