नवादा : लोग स्वास्थ्य के प्रति काफी सजग हो चुके हैं। खासतौर पर महिलाएं इस ओर काफी ध्यान दे रही हैं। ऐसी ही महिलाओं में शुमार हो रही हैं जिले की मेसकौर प्रखंड क्षेत्र के राजाबिगहा निवासी कृष्ण कुमार की बेटी गुड़िया। गुड़िया को सब्जियां उगाने के लिए घर के बाहर जगह नहीं मिली, तो अपनी छत को ही खेत बना दिया। घर की छत पर सभी तरह की सब्जियां उगायी जा रही हैं। बिना केमिकल वाली खाद के सब्जियों का आनंद परिवार के लोग गुड़िया के कारण उठा पा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्र के लोगों के पास तो अपने खेतों में सब्जियां उगाने का विकल्प होता है और वे शुद्ध सब्जी खाते हैं लेकिन, शहरी लोगों के पास खेती करने के लिए भूमि नहीं होने कारण उनके पास यह ऑप्शन नहीं होता है।
कटघरा निवासी सेवानिवृत प्रिंसिपल रवींद्र प्रसाद सिंह की नतिनी गुड़िया कुमारी राजगीर में दक्षिण बिहार ग्रामीण बैंक में नौकरी करती हैं। घर से ही अपने काम के लिए जाती हैं और छुट्टियों में उन्होंने घर की छत पर भरपूर सब्जी उगाकर एक नयी प्रेरणा दी है।फिलहाल गुड़िया छत पर 20 से अधिक वेराइटी की सब्जियों की खेती कर रही हैं। इनमें भिंडी, गोभी, मिर्च, टमाटर, कद्दू, नींबू आदि शामिल हैं। इन सभी सब्जियों की देखभाल वह खुद करती हैं। घर की छत पर 100 से अधिक ट्रे में मिट्टी भर सब्जी की खेती की है।
गुड़िया बताती हैं कि वह बैंक में नौकरी करती हैं। सुबह-शाम इन सब्जियों की देखभाल करती हैं। बाजारों में मिलने वाली सब्जियों में कई प्रकार के केमिकल का इस्तेमाल किया जाता है, जिस कारण वह सब्जियां इतनी फायदेमंद नहीं होतीं। इसी वजह से वह घर की छत पर सब्जियों का उत्पादन कर रही हैं। सब्जी की खेती करीब दो साल पहले शुरू की थी। शुरुआत में घर की छत पर कुछ ही सब्जियों का उत्पादन हो रहा था, लेकिन, धीरे-धीरे पूरी छत पेड़ों से भर गयी। गुड़िया बताती हैं कि घर में उगी सब्जियां एक परिवार के लिए पर्याप्त हैं। कुछ ही सब्जी को बाजार से खरीदा जाता है। साथ ही घर में सब्जी उगाने में मन भी लगा रहता है।
इन सब्जियों के लिए घर की छत पर ड्रिपिंग सिस्टम लगाया है, जिसके माध्यम से इन्हें कोई भी आसानी से पानी दे सकता है। साथ ही सब्जियों के बहाने सुबह-शाम लोग अपनी छत पर ही टहल सकते हैं। सभी सब्जियों को गमले में उगाती हैं। अब उन्हें बाजार से कोई भी सब्जी खरीदने की जरूरत नहीं पड़ती है। जरूरत की सब्जियां घर पर ही उगाती हैं। पूरी तरह जैविक खेती करती हैं। गोवर का खाद और गोमूत्र का ही पौधों में इस्तेमाल करती हैं। इन दिनों उनकी बागवानी में इतनी सब्जियां आ रही हैं कि वह पड़ोसियाें को भी खिला रही हैं।
भईया जी की रिपोर्ट