बिहार विधान परिषद में बजट सत्र के दौरान में आज बुधवार को एक बार फिर से JDU के मंत्री अशोक चौधरी और RJD एमएलसी सुनील सिंह के बीच भिड़ंत हो गई। राजद MLC सुनील सिंह ने अशोक चौधरी की डिग्री का मुद्दा उठाया और उनपर आरोप लगाया कि मंत्री अशोक चौधरी की डिग्री नकली है। इसके बाद मंत्री अशोक चौधरी राजद MLC सुनील सिंह पर भड़क गए। उन्होंने गुस्से में कहा कि अगर सुनील सिंह मेरी डिग्री नकली साबित कर देंगे तो मैं इस्तीफा दें दूंगा। इसके बाद विधान परिषद में हंगामा होने लगा।
दरअसल, आज बुधवार को विधान परिषद की कार्यवाही में धान खरीद के मुद्दे पर बहस हो रही थी। इसी बहस के बीच परिषद में पक्ष विपक्ष के दरम्यान उस समय गरमा—गरमी हो गई जब एकाएक डिग्री विवाद छिड़ गया। आरजेडी एमएलसी सुनील सिंह ने मंत्री अशोक चौधरी की डिग्री पर सवाल उठाते हुए उनके द्वारा हासिल की गई डिग्री के फर्जी होने का आरोप लगाने का इशारा किया। इस पर मंत्री अशोक चौधरी भड़क गए और उन्हें अपने द्वारा लगाए आरोप साबित करने की चुनौती दे दी। हंगामा बढ़ने पर जदयू के मंत्री विजय चौधरी ने सदन में विपक्षी सदस्य को बिना सबूत आरोप न लगाने की नसीहत दी। इससे पहले परिषद में धान खरीद को लेकर महेश्वर सिंह ने किसानों की परेशानी उठाई थी। सदन में पैक्स की ओर से नमी का बहाना बनाकर किसानों का धान नहीं खरीदने का मुद्दा उठाते हुए एमएलसी महेश्वर सिंह ने कहा कि खरीद अवधि खत्म होने में सिर्फ 8 दिन बचे हैं और करीब 10 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद बाकी है। ऐसे में किसान मजबूरी में कम कीमत पर बाजार में बेचने को विवश हैं।
धान खरीद पर सरकार की तरफ से जवाब देते हुए मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि इस मुद्दे पर केंद्रीय स्तर पर बातचीत हुई है। खरीद की समयसीमा बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कहीं कम चावल दिया जा रहा है तो शिकायत मिलने पर कार्रवाई होगी। अभी मंत्री अशोक चौधरी जवाब दे ही रहे थे कि राजद के एमएलसी सुनील सिंह ने उनकी डिग्री को लेकर टिप्पणी कर दी। इसके बाद परिषद का माहौल काफी गरमा गया। हंगामा बढ़ने पर सभापति ने किसी तरह हस्तक्षेप कर मामला शांत कराया। दोनों पक्षों को संयम बरतने की नसीहत दी गई। वहीं मंत्री विजय चौधरी ने कहा कि सदन में किसी पर आरोप लगाने से पहले ठोस दस्तावेज और नियमों का पालन जरूरी है। बिना प्रमाण आरोप लगाने से सदन की गरिमा प्रभावित होती है।