टेंडर घोटाले को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने एनडीए सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से 20 सवाल पूछा है। उन्होंने कहा कि इस घोटाले में दो IAS अधिकारियों को निलंबित तो सरकार ने कर दिया, लेकिन इसके बाद भी उन सस्पेंडेड अफसरों का नाम चार्जशीट में क्यों नहीं आरोपितों में शामिल किया गया है? SVU की चार्जशीट में इन निलंबित IAS अधिकारियों का नाम शामिल न होने पर तेजस्वी ने सरकार की मंशा को लेकर गंभीर सवाल उठाए। अपने 20 तीखे सवालों में उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस घोटाले में शामिल बड़ी मछलियों और राजनैतिक आकाओं को बचाने के लिए केवल छोटी मछलियों को बलि का बकरा बना रही है।
तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया के जरिए सरकार से पूछा कि घोटाले में संलिप्तता के कारण दो वरिष्ठ आईएएस को निलंबित किया जा चुका है। लेकिन इसके बाद भी जांच एजेंसी की चार्जशीट में उनका नाम दर्ज नहीं है। साथ ही तेजस्वी ने कहा कि इन घोटालेबाज अफसरों की तत्काल गिरफ्तारी भी नहीं की गई। क्या सरकार को डर है कि अगर इन अधिकारियों को पकड़ा गया तो वे सत्ता के शीर्ष पर बैठे लोगों के राज खोल देंगे? उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता संरक्षित और पोषित भ्रष्टाचारियों को जानबूझकर कानूनी कार्रवाई से बचाया जा रहा है।
तेजस्वी 20 सवालों की फेहरिस्त में पूछा कि एक मामूली सा ठेकेदार रिशु श्री कई विभागों के टेंडरों को अपनी मर्जी से कैसे मैनेज कर रहा था? सरकार का निगरानी तंत्र इतने वर्षों तक क्या कर रहा थी? या अधिकारियों द्वारा निजी लाभ के लिए सब कुछ नजरअंदाज किया जा रहा था? उन्होंने आगे पूछा कि ED की जांच में सामने आए चैट्स से पता चलता है कि रिशु श्री कई वरिष्ठ IAS अधिकारियों के प्रभावशाली कॉकस को सत्ता और सर्वोच्च अधिकारियों का संरक्षण कैसे प्राप्त था? वह अधिकारियों को निर्देश किसकी शह पर देता था? चार्जशीट में बड़ी मछलियों को क्यों छोड़ दिया गया है? क्या ऐसा करने में देरी के पीछे क्या कोई राजनैतिक दबाव है अथवा सत्ता में बैठे लोगों को खुद पकड़े जाने का डर है?