लालू के बड़े पुत्र और जनशक्ति जनता दल (JJD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजप्रताप यादव ने आरोप लगाया है कि एक खास मोबाइल नंबर से उन्हें और उनके सहयोगियों को लगातार धमकी भरे फोन कर ब्लैकमेलिंग की कोशिश की जा रही है। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट जारी कर तेजप्रताप ने इस खास मोबाइल नंबर—7520322647 का डिटेल भी जारी किया और कहा कि उनकी पार्टी के सक्रिय लोगों को लगातार धमकी भरे कॉल कर ब्लैकमेल करने की कोशिश की जा रही है। तेज प्रताप यादव ने सवाल उठाया कि बार-बार शिकायतों के बावजूद मामले में सरकार की तरफ से कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। इसके पीछे कौन लोग हैं? तेज प्रताप यादव ने सरकार और प्रशासन से मामले की तत्काल और निष्पक्ष जांच की मांग की है।

आखिर इस नंबर के पीछे कौन?
तेज प्रताप यादव ने अपने पोस्ट में मोबाइल नंबर 7520322647 का जिक्र करते हुए कहा कि इस नंबर को लेकर वह पहले भी सार्वजनिक रूप से अपनी बात रख चुके हैं और कार्रवाई की मांग कर चुके हैं। लेकिन लगातार शिकायतों के बावजूद अब तक प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं हुई। उन्होंने सरकार और प्रशासन से पूछा कि आखिर इस नंबर का इस्तेमाल कौन कर रहा है और उसके पीछे कौन लोग हैं। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या इस मामले में किसी प्रभावशाली व्यक्ति का संरक्षण प्राप्त है। तेज प्रताप ने कहा कि उनकी पार्टी से जुड़े पुरुष हों या महिलाएं, किसी को धमकाना, ब्लैकमेल करना या किसी का वीडियो प्रसारित कर उसे डराने का प्रयास करना गंभीर मामला है। उन्होंने दावा किया कि इस तरह की शिकायतें उनके संज्ञान में लगातार आ रही हैं। तेजप्रताप ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के बाद सच्चाई सामने लाने की मांग प्रशासन से की।
धमकियों से डरने वाले नहीं
तेजप्रताप यादव ने कहा कि वह धमकियों से डरने या दबने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि यदि उनके किसी कार्यकर्ता, सहयोगी, महिला या पुरुष को डराने-धमकाने की कोशिश की जाती है तो वह पूरी मजबूती के साथ उनके समर्थन में खड़े रहेंगे। पार्टी से जुड़े लोगों की सुरक्षा और सम्मान से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। तेज प्रताप यादव ने प्रशासन और जांच एजेंसियों से इस नंबर से जुड़े कॉल, संदेश और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की विधिसम्मत जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि नंबर के वास्तविक उपयोगकर्ता और उसके पीछे मौजूद लोगों की पहचान की जाए और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो। अपने बयान में तेजप्रताप ने कहा कि किसी व्यक्ति को धमकाना, ब्लैकमेल करना या उसका वीडियो प्रसारित कर उसे डराने का प्रयास करना बेहद गंभीर मामला है। इसलिए इसपर ठोस कार्रवाई नहीं होना भी संदेह पैदा करता है।
