बिहार विधानसभा चुनाव से पहले तेजस्वी यादव एक बार फिर राजनीतिक यात्रा पर निकलने वाले हैं। तेजस्वी की बिहार अधिकार यात्रा 16 सितंबर से शुरू होगी। इस दौरान वे 10 जिलों में स्थित विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों का दौरा करेंगे। बीते दिनों राहुल गांधी के साथ हुई उनकी वोटर अधिकार यात्रा के बाद अब तेजस्वी बिहार अधिकार यात्रा के जरिये वोटरों को साधने की कोशिश करेंगे। इसकी शुरुआत तेजस्वी यादव जहानाबाद से करेंगे और उनकी इस प्रस्तावित यात्रा का वैशाली जिले में समापन होगा। तेजस्वी की 16 से शुरू हो रही इस यात्रा को लेकर आरजेडी विधायक तैयारी में जुट गए हैं। RJD ने सभी जिला राजद अध्यक्षों को यात्रा की तैयारी करने को लेकर निर्देश जारी कर दिया है।
राजद की तरफ से जानकारी दी गई कि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव बिहार अधिकार यात्रा के दौरान 5 दिनों में 10 जिलों के कई विधानसभा क्षेत्रों में जनता से संवाद करेंगे। दरअसल आरजेडी के प्रदेश प्रधान महासचिव रणविजय साहू ने आज शुक्रवार को तेजस्वी यादव की आगामी बिहार अधिकार यात्रा को लेकर संबंधित जिलों के पार्टी सांसद, विधायक, जिलाध्यक्ष एवं अन्य नेताओं को यात्रा में शामिल होने हेतु पत्र भेजा है। पत्र में कहा गया कि बिहार अधिकार यात्रा जिन विधानसभा क्षेत्रों से होकर गुजरेगी, वहां पर किसी एक जगह तेजस्वी जनसंवाद करेंगे। मालूम हो कि लालू के राजनीति उत्तराधिकारी तेजस्वी यादव ने कुछ दिनों पहले ही कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साथ मिलकर पूरे बिहार में वोटर अधिकार यात्रा निकाली थी। अब वे अकेले अपने दम पर यह नई यात्रा शुरू कर रहे हैं।
बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले सभी दलों द्वारा बिहार के विभिन्न जिलों मं प्रचार का दौर जारी है। तेजस्वी की आगामी यात्रा को इसी संदर्भ में देखा जा रहा है। हालांकि लालू प्रसाद यादव तबीयत नासाज़ होने के चलते ज्यादा एक्टिव नहीं हैं। लेकिन आज शुक्रवार को वे भी पटना में एक दरगाह पहुंचे जहां उन्होंने आगामी चुनाव में अपनी पार्टी के लिए दुआएं मांगी। इसकी तस्वीरें भी सामने आई हैं। उधर चुनाव से पहले सियासी मैदान में तेजस्वी के अलावा लालू के बड़े पुत्र तेज प्रताप यादव भी सक्रिय हो गए हैं। लेकिन देखा जाए तो तेजप्रताप अपने भाई तेजस्वी पर ही निशाना साध रहे हैं। हाल में तेज प्रताप यादव ने राघोपुर विधानसभा पहुंचकर वहां से विधायक और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर जमकर हमला बोला और कहा कि- ‘यहां के विधायक को भी समय निकालकर यहां के लोगों से मिलना चाहिए। लेकिन राघोपुर के विधायक फेल हैं, सिर्फ नाच रहा है। गा रहा है’।