बिहार में गिरती शिक्षा व्यवस्था और बेरोजगारी के मुद्दे पर तेजस्वी प्रसाद यादव के नेतृत्व में छात्र और युवा राजभवन मार्च के लिए पटना की सड़कों पर उतरे। हालांकि इस मार्च में छात्र बहुत ही मुश्किल से नजर आ रहे हैं और दूर-दूर तक सिर्फ राजद के कार्यकर्ता ही दिखाई दे रहे हैं। बिहार में छात्र आंदोलनों और पेपर लीक के मुद्दे पर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ जेपी गोलंबर से राजभवन मार्च शुरू किया। पांच किलोमीटर लंबे इस मार्च में राजद के सांसद, विधायक, विधान पार्षद समेत सभी वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता शामिल हैं।राजद नेता और कार्यकर्ता गांधी मैदान स्थित जेपी गोलंबर से निकलकर डाकबंगला चौराहा, तारामंडल और इनकम टैक्स चौराहा होते हुए राजभवन तक जाएंगे। इसको देखते हुए चप्पे-चप्पे पर पुलिस की तैनात की गई है तथा कई रास्तों को बंद कर दिया गया है।

आज सुबह पटना के जेपी गोलंबर पर राजद नेता एकत्र हुए यहां से राजभवन की ओर आगे बढ़ना शुरू किया। हालांकि, पटना पुलिस ने बैरिकेडिंग कर तेजस्वी और राजद नेताओं को रोक लिया। सभी नेता वहीं डटे हुए हैं और डाक बंगला चौराहा की तरफ बढ़ने की कोशिश कर रहे हैं। इस दौरान तेजस्वी यादव ने सीएम सम्राट चौधरी पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि छात्र आंदोलन के दौरान AK-47 से हुई फायरिंग के मामले में जिम्मेदार अधिकारियों को निलंबित कर सरकार जबतक पूरे मामले की न्यायिक जांच नहीं करेगी, हमारा आंदोलन चलता रहेगा। वहीं राजद नेताओं ने कहा कि वे छात्रों के समर्थन में सड़क पर उतरे हैं।
इसबीच खबर है कि हाथों में तिरंगा लेकर निकले राजद कार्यकर्ताओं को पुलिस ने डाकबंगला चौराहे पर रोक दिया है। मार्च में शामिल तेजस्वी ने कहा कि कई दिनों से प्रशासन में बैठे अधिकारियों से लगातार सवाल किया जा रहा है कि AK-47 से गोली चलाने का आदेश किसने दिया था। लेकिन अब तक इसका जवाब नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि बिना किसी वरिष्ठ अधिकारी के आदेश के पुलिस की ओर से गोली नहीं चलायी गयी होगी। ऐसे में आदेश देने वाले अधिकारी की जवाबदेही तय होनी चाहिए और उसे तत्काल निलंबित किया जाना चाहिए। उधर पटना में तेजस्वी यादव के मार्च को देखते हुए पुलिस बल की भारी तैनाती की गई है। जगह—जगह पुलिस ने बैरिकेडिंग की है और वाटर कैनन की भी व्यवस्था की गई है।
