नवादा : जिले के सुप्रसिद्ध नवादा विधि महाविद्यालय में एलएलएम की पढ़ाई शुरू करने का रास्ता लगभग साफ हो गया है। कॉलेज को बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआइ) से एलएलएम कार्यक्रम संचालन के लिए सैद्धांतिक रूप से सशर्त अनापत्ति मिल गयी है। अब राज्य में पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए राजभवन से अनुमति मिलने की औपचारिकता पूरी होनी शेष है।
नवादा विधि महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ डीएन मिश्रा ने कॉलेज परिसर में इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मगध विश्वविद्यालय, बोधगया की ओर से भेजे गये प्रस्ताव के आधार पर बीसीआइ ने एलएलएम कार्यक्रम के संचालन के लिए सैद्धांतिक रूप से सशर्त अनापत्ति जारी की है। उन्होंने बताया कि मगध विश्वविद्यालय के अकादमिक नियंत्रण और संबद्धता के तहत नवादा विधि महाविद्यालय द्वारा एलएलएम कार्यक्रम संचालित करने का अनुरोध किया गया था।
मामले पर विचार के बाद बीसीआइ ने लागू कानूनों, विश्वविद्यालय के नियमों, अध्यादेशों और कानूनी शिक्षा को नियंत्रित करने वाले निर्देशों के निरंतर अनुपालन की शर्त पर कार्यक्रम संचालन को सैद्धांतिक मंजूरी दी है। प्राचार्य डॉ डीएन मिश्रा ने कहा कि अब राजभवन से आदेश मिलना बाकी है। उम्मीद है कि नये सत्र से कॉलेज में एलएलएम की पढ़ाई शुरू करने के लिए आदेश प्राप्त हो जायेगा। उन्होंने कहा कि कॉलेज में एलएलएम की पढ़ाई शुरू होने को लेकर विद्यार्थियों और कॉलेज परिवार में खासा उत्साह है।
प्राचार्य ने बताया कि एलएलएम कार्यक्रम एक वर्ष या दो वर्ष का होगा। संस्थान में पीजी स्तर की कानूनी शिक्षा के अनुरूप अकादमिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। पर्याप्त योग्य संकाय शिक्षक, पुस्तकालय, इलेक्ट्रॉनिक संसाधन, अनुसंधान सुविधाएं और आवश्यक बुनियादी ढांचा मौजूद है। उन्होंने कहा कि एलएलबी करने वाले विद्यार्थियों को अब पीजी स्तर पर एलएलएम की पढ़ाई के लिए जिले से बाहर नहीं जाना पड़ेगा। कॉलेज में यह कोर्स ऑफलाइन मोड में संचालित किया जायेगा।
प्राचार्य ने बताया कि कॉलेज के विद्यार्थियों और शिक्षकों को नयी दिल्ली में आयोजित होने वाले इंटरनेशनल सेमिनार में भाग लेने के लिए भेजा जा रहा है। आईएसआइएल, नयी दिल्ली की ओर से 31 अक्टूबर और 1 नवंबर को आयोजित होने वाले इंटरनेशनल सेमिनार में कॉलेज के चयनित 22 विद्यार्थी और सात शिक्षक शामिल होंगे।
चयनित विद्यार्थी और शिक्षक एजुकेशनल टूर के तहत नयी दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट का अवलोकन करेंगे। इस दौरान विद्यार्थी और शिक्षक सुप्रीम कोर्ट में होने वाले कामकाज को समझेंगे और उसे प्रत्यक्ष रूप से देखने का अवसर प्राप्त करेंगे। मौके पर संतोष कुमार के अलावा कॉलेज परिवार के शिक्षक और अन्य लोग मौजूद रहे।
भईया जी की रिपोर्ट