बिहार में मकर संक्रांति अक्सर सियासी सरगर्मियों का मौका बन जाती है। इस साल मकर संक्रांति को लेकर तेज प्रताप यादव काफी चर्चा में हैं। आज मकर संक्रांति के अवसर पर तेज प्रताप यादव ने अपने सरकारी आवास पर चूड़ा-दही भोज का आयोजन किया जिसमें पक्ष—विपक्ष के नेताओं के साथ-साथ उनके पिता लालू यादव भी शामिल हुए। लालू ने यहां आकर कहा भी कि अब उन्हें अपने बड़े बेटे से कोई नाराजगी नहीं है। इसके बाद मीडिया में तेज प्रताप के लिए लालू परिवार और राजद में वापसी की खबरें भी उड़ी। लेकिन इसी भोज में उनके भाई निमंत्रण के बावजूद नहीं पहुंचे। अब तेज प्रताप के भोज से छोटे भाई तेजस्वी यादव की गैरमौजूदगी और लालू यादव की मौजूदगी को लेकर अफवाहों का बाजार गर्म है।
खुद आमंत्रण देने पहुंचे थे तेज प्रताप
दरअसल, गर्लफ्रेंड अनुष्का यादव के साथ तेज प्रताप की फोटो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लालू ने बीते साल उन्हें पार्टी और परिवार से बाहर कर दिया था। अब लालू खुद उनके घर दही—चूड़ा भोज में पहुंच गए। ऐसे में अब यह साफ हो गया है कि तेज प्रताप को लालू परिवार और राजद से विरासत की जंग के तहत ही बाहर का रास्ता दिखाया गया था। बीती रात एक लंबे अंतराल के बाद तेज प्रताप यादव खुद 10 सर्कुलर रोड स्थित राबड़ी देवी के आवास पर गए और वहां अपने पिता लालू प्रसाद यादव और मां राबड़ी देवी के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया। इस मुलाकात के दौरान, तेज प्रताप ने अपने छोटे भाई और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को भी औपचारिक रूप से भोज का न्योता दिया। लंबे वक्त बाद जब दोनों भाइयों की तस्वीर एक साथ सामने आई तो सोशल मीडिया पर लोगों ने कहना शुरू कर दिया कि परिवार एकजुट हो रहा है, कड़वाहट दूर हो रही है। लेकिन फिर मकर संक्रांति के दिन तेजस्वी के तेज प्रताप के घर नहीं पहुंचने से तस्वीर ही बदली हुई प्रतीत होती है।
भोज के दिन तस्वीर बदल गई
तेज प्रताप के आवास पर आयोजित भोज में तेजस्वी यादव कहीं नजर नहीं आए। उन्होंने राबड़ी आवास पर सादगी से मकर संक्रांति मनाई और वहीं दही-चूड़ा खाया। इसका फोटो और वीडियो भी सामने आया, जिसमें उनकी मां राबड़ी देवी भी उनके साथ मौजूद हैं। तेजस्वी ने इस मौके पर कोई बयान तो नहीं दिया, लेकिन सोशल मीडिया पर लोगों को मकर संक्रांति की शुभकामनाएं देते हुए उन्होंने लिखा, ‘लोक संस्कृति, उल्लास, दान, प्रेम, सद्भाव और परंपरा के पावन पर्व मकर संक्रांति की सभी देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं। मैं सर्वशक्तिमान से प्रार्थना करता हूं कि आपका जीवन सुख, शांति, समृद्धि, आनंद, ऊर्जा, अच्छे स्वास्थ्य, सकारात्मकता और प्रगति से भरा रहे’। साफ है कि तेज प्रताप के इस दही—चूड़ा भोज से दूरी बनाकर उन्होंने इसपर ठंडा रूख ही दिखाया। इसके मूल में असल वजह लालू की राजनीतिक विरासत पर बड़े भाई से टकराव ही है।