बिहार में राजस्व सेवा से जुड़े अधिकारियों की हड़ताल 52वें दिन खत्म हो गई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सरकार की ओर से दिए गए आश्वासनों के बाद यह हड़ताल खत्म हुई। राजस्व सेवा संयुक्त महासंघ ने आज गुरुवार को बताया कि जनहित और प्रशासनिक कार्यों की निरंतरता को ध्यान में रखते हुए सामूहिक हड़ताल को स्थगित करने का फैसला लिया गया। बताया गया कि इस संबंध में राज्य सरकार से गुरुवार को हुई वार्ता में हड़ताल खत्म करने पर सहमति बनी। महासंघ ने बताया कि अब सभी हड़ताली अधिकारी और कर्मी 4 मई 2026 से अपने-अपने पदस्थापन स्थल पर योगदान देंगे।
संगठन ने राज्य सरकार, विशेषकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में सकारात्मक पहल की उम्मीद जताते हुए कहा कि उनकी 11 सूत्री मांगों पर गंभीरता से विचार कर शीघ्र समाधान करने का आश्वासन दिया गया है। महासंघ ने इसके साथ ही यह भी साफ कर दिया कि यदि निर्धारित समयावधि में मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आगे फिर से आंदोलन पर विचार किया जा सकता है। राजस्व सेवा महासंघ की ओर बताया गया कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के के प्रति पूर्ण आस्था एवं विश्वास व्यक्त करते हुए व्यापक जनहित को सर्वोपरि रखते हुए संयुक्त मोर्चा द्वारा पिछले महीने की नौ तारीख यानी नौ मार्च 2026 से शुरू हुई अनिश्चितकालीन हड़ताल को स्थगित करने का निर्णय लिया गया है। राजस्व सेवा संघ को विश्वास है कि सरकार द्वारा राजस्व सेवा संवर्ग को सुदृढ़ एवंसशक्त बनाने की दिशा में शीघ्र सकारात्मक एवं ठोस कदम उठाए जायेंगे तथा भूमि सुधार उप समाहर्ता सहित पूर्व में प्रस्तुत 11 सूत्री मांग-पत्र पर गंभीरता पूर्वक विचार कर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
संयुक्त महासंघ की मुख्य मांगों के अंतर्गत भूमिसुधार उप समाहर्ता के पद को पूर्णतः प्रशासनिक एवं कार्यात्मक नियंत्रण के लिए राजस्व विभाग के अधीन लाने के संबंध में त्वरित कार्रवाई करने की डिमांड रखी गई है। इसके अतिरिक्त, सेवा संवर्ग के अंतर्गत अधिसूचित सभी पदों पर बिहार राजस्वसेवा के पदाधिकारियों की विधिवत नियुक्ति सुनिश्चित किया जाना या प्रभार प्रदान किया जाना रखा गया है। अंत में राजस्व सेवा के अधिकारियों के संघ ने सरकार को चेतावनी भी दे दी कि यदि निर्धारित समयावधि दो माह के भीतर मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं की जाती है, तो संयुक्त मोर्चा पुनः लोकतांत्रिक एवं वैधानिक तरीके से सामूहिक हड़ताल का मार्ग अपनाने के लिए बाध्य होगा।