सासाराम में पायलट बाबा आश्रम के पास लगे डिज्नीलैंड मेले में बीती शाम तब कोहराम मच गया जब वहां लगे चकरी झूला का गेट अचानक टूट गया। गतिमान झूले का गेट टूटने से कई लोग नीचे गिर पड़े और गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बाद मेले में अफरा-तफरी मच गई। सूचना पर पहुंची पुलिस और लोकल लोगों ने रेस्क्यू संभाला और बच्चों समेत सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया। घायलों में बच्चे और महिलाएं शामिल हैं। सदर अस्पताल में सभी का इलाज किया जा रहा है। इनमें एक 10 वर्षीय बच्चे धीरज कुमार के अलावा 32 वर्षीया श्वेता सिंह और एक अन्य महिला सीमा देवी की हालत गंभीर बताई जाती है।
जानकारी के अनुसार बीती देर शाम मेले में भारी भीड़ थी और लोग आनंद उठा रहे थे। इसी दौरान अपनी पूरी रफ्तार से चल रहा ग्रेविटी झूला अचानक असंतुलित हो गया और उस पर बैठे लोग एक-एक कर नीचे गिरने लगे। मौके पर चीख-पुकार मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए भागने लगे। घटना की सूचना मिलते ही सासाराम मुफस्सिल थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और राहत व बचाव कार्य शुरू किया। आनन-फानन में सभी घायलों को एंबुलेंस की मदद से सदर अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों के अनुसार, कई लोगों को गंभीर चोटें आई हैं, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। लोगों ने मेला प्रबंधक पर व्यावसायिक लाभ के लिए सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
हादसे के दौरान मेला घूम रहे कई दूसरे लोगों को भी चोट आई है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार झूला उस समय टूटा जब उसकी स्पीड काफी तेज थी। तेज स्पीड में चल रहे झूले का बैलेंस बिगड़ गया और गेट टूट गया। इससे झूले में बैठे कई लोग नीचे गिरकर घायल हो गए। इस घटना के बाद जगह-जगह लगने वाले ऐसे मेलों और झूलों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। इधर हादसे के बाद रोहतास जिला प्रशासन ने झूलों की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में तकनीकी खराबी और सुरक्षा मानकों में लापरवाही की बात कही जा रही है। लेकिन बड़ा सवाल यह कि आखिर कौन है ऐसे हादसों का जिम्मेदार और ये किसकी जवाबदेही है?