राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने मीडिया में चल रही अपने विधान परिषद (MLC) प्रत्याशी बनने की खबरों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पहले ट्विटर) पर एक तीखा पोस्ट साझा करते हुए उन्होंने इन खबरों को महज एक “साजिश” और “अफवाह” करार दिया है। रोहिणी ने विरोधियों और मीडिया के एक वर्ग पर जमकर निशाना साधते हुए अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि बुरी नीयत वालों का मुंह फिर काला होगा। उन्होंने बताया कि कुछ महीने पहले इन्हीं लोगों ने उनके नाबालिग बेटे और उनकी सासू मां के विधानसभा चुनाव लड़ने की अफवाह भी फैलाई थी।
हाल ही में उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में लालू यादव के पोते और तेजस्वी यादव के बेटे इराज का पहला जन्मदिन मनाया गया था। इस पारिवारिक समारोह में लालू परिवार के सदस्यों सहित पार्टी के कई बड़े नेता शामिल हुए थे, लेकिन रोहिणी आचार्य यहाँ नजर नहीं आईं। इसके बाद मीडिया गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई कि लालू परिवार में सब कुछ ठीक नहीं है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि लालू यादव जब आगामी दिनों में अपने हेल्थ चेकअप के लिए सिंगापुर जाएंगे, तो वह वहाँ रोहिणी को मनाएंगे और उन्हें बिहार विधान परिषद (MLC) का उम्मीदवार बनाया जा सकता है।
इन खबरों से नाराज रोहिणी आचार्य ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर आकर विरोधियों और मीडिया के एक वर्ग पर जमकर निशाना साधते हुए अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि बुरी नीयत वालों का मुंह फिर काला होगा। घुसपैठियों, साजिश रचने और विरोधियों के साथ मिलीभगत रखने वालों का गिरोह अपने चंद मीडिया मित्रों की मदद से मेरे आगामी विधान परिषद चुनाव में प्रत्याशी बनने की अफवाह फैला रहा है। गंदी नीयत रखने वाले इन लोगों ने पहले भी उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की थी। उन्होंने याद दिलाया कि कुछ महीने पहले इन्हीं लोगों ने उनके नाबालिग बेटे और उनकी सासू मां के विधानसभा चुनाव लड़ने की अफवाह भी फैलाई थी।
अपने रुख को साफ करते हुए रोहिणी आचार्य ने स्पष्ट किया कि वह किसी पद या लालच के पीछे नहीं भागती हैं। उन्होंने पोस्ट के अंत में लिखा, “मेरे बारे में दुनिया ये जानती है कि मैं किसी भी प्रकार के लालच व लोभ से परे हटकर सीधी बात करने और कहने वालों में से हूँ। मेरा विरोध हमेशा गलत के खिलाफ रहा है और आगे भी रहेगा। रोहिणी के इस कड़े रुख से साफ हो गया है कि फिलहाल उनके विधान परिषद जाने की खबरों में कोई सच्चाई नहीं है और उन्होंने इसे अपने खिलाफ रची गई एक राजनीतिक साजिश बताया है।