बांकीपुर उपचुनाव में करारी हार के बाद RJD के भीतर जहां मंथन होना चाहिए था, वहीं पार्टी के वरिष्ठ नेता एकदूसरे पर पिल पड़े हैं। पार्टी के विधायक भाई वीरेंद्र और शक्ति यादव एक-दूसरे पर जमकर हमलावर हैं और एकदूसरे को उनकी रानीतिक औकात बताने पर तूल गए हैं। भाई वीरेंद्र ने तो यहां तक कह दिया है कि शक्ति यादव खामोश रहें नहीं तो वो उनका सारा कच्चा—चिट्ठा खोल कर रख देंगे। वरिष्ठ विधायक भाई वीरेंद्र और RJD के मुख्य प्रवक्ता शक्ति यादव की इस खुलेआम भिड़ंत में पार्टी के बाकी नेता अंदर ही अंदर नेतृत्व से हस्तक्षेप की दबी गुहार लगा रहे हैं। भाई वीरेंद्र ने न सिर्फ शक्ति यादव को खामोश रहने की नसीहत दी, बल्कि कई गंभीर आरोप लगाते हुए उनका कच्चा चिट्ठा खोलने की भी चेतावनी दे डाली।
इससे पहले हाल ही में भाई वीरेंद्र ने तेजस्वी यादव के आसपास रह रहे चमचों को हटाने की बात कही थी। इसके जवाब में शक्ति यादव ने उनके योगदान पर सवाल उठाया। इसके बाद भाई वीरेंद्र ने बेहद तल्ख अंदाज में पलटवार करते हुए कई गंभीर आरोप लगाए और सार्वजनिक रूप से उन्हें चेतावनी दे डाली। दरअसल, बांकीपुर उपचुनाव के नतीजों के बाद पार्टी के वरिष्ठ विधायक भाई वीरेंद्र ने एक दिन पहले कहा था कि अगर राष्ट्रीय जनता दल को आगे बढ़ना है तो तेजस्वी यादव के आसपास मौजूद चमचों को हटाना होगा। उनके इस बयान ने पार्टी के भीतर नई बहस छेड़ दी। इसी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए आरजेडी के मुख्य प्रवक्ता शक्ति यादव ने कहा था कि पहले भाई वीरेंद्र यह बताएं कि उन्होंने पार्टी के लिए क्या किया है।
शक्ति यादव का यह बयान सुनते ही भाई वीरेंद्र हत्थे से उखड़ गए। उन्होंने शक्ति यादव पर पलटवार करते हुए कहा कि जो बोल रहा है, वो खामोश रहे। इसके बाद उन्होंने शक्ति यादव पर व्यक्तिगत और राजनीतिक दोनों तरह के आरोप लगाए। भाई वीरेंद्र ने कहा कि जब शक्ति यादव राजनीति में नहीं थे, तब से वह राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह वर्षों से लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव के साथ खड़े रहे हैं और पार्टी के कठिन दौर में भी कभी साथ नहीं छोड़ा। जबकि तुम जब राजनीति में पैदा भी नहीं हुए थे, तब से मैं राजद में हूं। अगर तुम्हारी करतूतें जनता के सामने उजागर कर दूं तो कही मुंह दिखाने लाएक भी नहीं रहोगे।