राजधानी पटना के सबसे प्रतिष्ठित सरकारी अस्पताल पीएमसीएच में डॉक्टरों ने एक बार फिर हड़ताल पर जाने का ऐलान कर दिया है। बताया जाता है कि मरीज के परिजनों और डॉक्टरों के बीच मारपीट के बाद चिकित्सक हड़ताल पर चले गए। पीएमसीएच की इमरजेंसी में बीती देर रात मरीज के परिजनों और जूनियर डॉक्टरों के बीच विवाद के बाद जमकर मारपीट हुई थी। आरोप है कि मरीज के परिजनों ने एक इंटर्न डॉक्टर के सिर पर रॉड से हमला कर दिया जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। डॉक्टर के सिर पर गहरी चोट लगी और काफी खून बहने के बाद उसे ICU में भर्ती कराना पड़ा। डॉक्टर के सिर पर दर्जनभर से अधिक टांके लगे हैं। डॉक्टर पर हमले की इस घटना के विरोध में आज गुरुवार सुबह से ही PMCH के जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर चले गए।
इमरजेंसी और OPD सेवाएं प्रभावित
पीएमसीएच जूनियर डॉक्टर संघ के अध्यक्ष डॉ सत्यम कुमार ने बताया कि घटना के विरोध में अस्पताल की इमरजेंसी और OPD दोनों सेवाएं ठप कर दी गईं हैं। आज सुबह से ही इमरजेंसी में नए मरीजों की भर्ती नहीं ली जा रही है। जबकि OPD के बाहर परेशान मरीजों की भारी भीड़ जुटी हुई है। लेकिन वहां भी किसी की पर्ची नहीं काटी जा रही। अस्पताल पहुंचे मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि उनकी प्राथमिक मांग अस्पताल परिसर में डॉक्टरों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और इमरजेंसी में अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराना है। इधर सरकारी अस्पताल में डॉक्टरों की हड़ताल की वजह से आम लोग प्राइवेट अस्पतालों का रुख करते देखे जा रहे हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार इस सारे विवाद की शुरुआत इमरजेंसी में एक मरीज के साथ आए परिजनों द्वारा डॉक्टरों से की गई बदतमीजी से हुई। इमरजेंसी में एक मरीज के साथ करीब 5—6 परिजन आए थे। इतनी संख्या में परिजनों को रहने की अनुमति इमरजेंसी में नहीं होती। डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ को इलाज करने में परेशानी लगी तो डॉक्टरों ने सुरक्षा गार्ड को बुलाकर परिजनों को इमरजेंसी से बाहर कराया। आरोप है कि परिजनों ने इसी मुद्दे पर डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ से दुव्र्यवहार किया। कुछ समय बाद वहां बड़ी संख्या में लोग पहुंच गए और मारपीट शुरू हो गई। बताया जाता है कि बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने इमरजेंसी के आसपास मौजूद डॉक्टरों के साथ मारपीट शुरू कर दी। इसी दौरान एक इंटर्न डॉक्टर के सिर पर रॉड से हमला कर दिया गया।