वक्फ बिल को लेकर बिहार में मचे घमासान के बीच आज सोमवार को जेडीयू एमएलसी गुलाम गौस अचानक राबड़ी आवास पहुंच गए। यहां उन्होंने आरजेडी प्रमुख लालू यादव से मुलाकात की। नीतीश कुमार के करीबी माने जाने वाले गुलाम गौस की लालू से मुलाकात के बाद सियासत गरमा गई। आरजेडी वक्फ बिल पर केंद्र सरकार के समर्थन को लेकर नीतीश कुमार पर हमलावर है। जहां आरजेडी के नेता पिछले कुछ दिनों से पोस्टर और बयानों के जरिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर लगातार निशाना साध रहे हैं, वहीं आज नीतीश के करीबी एमएलसी गुलाम गौस को सरेआम लालू से मिलना, सियासी हलके में सामान्य नहीं माना जा रहा।
…तो क्या नाराज हैं गुलाम गौस
हालांकि लालू यादव से मिलकर राबड़ी आवास से बाहर निकले गुलाम गौस ने कहा कि उनके लालू यादव से बड़े अच्छे संबंध रहे हैं। इसलिए मैं उनसे मिलने आया था। लेकिन राजनीति के जानकारों का कहना है कि जेडीयू एमएलसी का यूं लालू यादव से मिलना, सामान्य बात नहीं है। वरिष्ठ पत्रकार और बिहार की सियासत पर गहरी नजर रखने वाले राकेश प्रवीर का कहना है कि जेडीयू में कई मुस्लिम नेता हैं जो कभी लालू यादव से मिलने नहीं आते हैं। ऐसे में गुलाम गौस का अचानक मिलने पहुंचना कई सवाल खड़े कर गया है। वहीं गुलाम गौस ने कहा कि ईद का समय है ऐसे में मैं कुछ ज्यादा नहीं बोलना चाहता हूं। वहीं वक्फ बिल को लेकर भी उनसे सवाल किए गए लेकिन वे बिना कोई जवाब दिए वहां से चले गए। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि क्या गुलाम गौस वक्फ बिल पर पार्टी के स्टैंड को लेकर सीएम नीतीश कुमार से नाराज हैं?
पसोपेश में फंसे मुख्यमंत्री नीतीश
सूत्रों की मानें तो नीतीश कुमार वक्फ बिल को लेकर केंद्र की बीजेपी सरकार के साथ हैं। फिलहाल नीतीश कुमार पसोपेश की स्थिति में हैं। एक तरह उनका गठबंधन धर्म है तो दूसरी तरफ मुस्लिम वोट बैंक। ऐसे में नीतीश कुमार बीच का रास्ता निकालने में जुटे हैं। भाजपा के चाणक्य अमित शाह ने कल रविवार को ही नीतीश आवास पर एनडीए की बैठक की। इस बैठक के बाद भी वक्फ पर नीतीश या जदयू का कोई साफ नजरिया सामने नहीं आया। ऐसे में वक्फ बिल पर गुलाम गौस जैसे पार्टी के नेता का इस तरह लालू यादव से मिलना कई सियासी आशंकाओं को जन्म देता है। देखना है कि राजनीति के धुरंधर खिलाड़ी नीतीश कुमार इससे कैसे निपटते हैं।