पटना के बहुचर्चित NEET छात्रा रेप और हत्या मामले में सीबीआई अब तक किसी ठोस नतीजे तक नहीं पहुुंच पाई है। इसबीच पीड़िता के माता-पिता ने पॉक्सो की विशेष अदालत में शपथपत्र दाखिल कर अपना बयान दर्ज कराया है जिसमें उन्होंने कई गंभीर आरोप लगाए हैं। इसमें उन्होंने दावा किया कि छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया और बाद में इलाज के नाम पर डॉक्टरों के जरिए उसकी हत्या करवा दी गई। शपथपत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि रसूखदार लोगों के दबाव में सीबीआई और बिहार पुलिस की एसआईटी निष्पक्ष जांच करने के बजाय पूरे मामले को दबाने की कोशिश कर रही है। माता-पिता ने कहा कि पॉक्सो की विशेष अदालत के आदेश के बावजूद अब तक सीबीआई ने उनका बयान न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज नहीं कराया है।
हॉस्टल में होता था गलत काम
पीड़िता के माता-पिता ने न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दर्ज कराने के आदेश को चुनौती देते हुए इस संबंध में पटना हाईकोर्ट में एक याचिका दाखिल की है। मामले के सूचक माता—पिता ने पॉक्सो की विशेष अदालत में विशेष न्यायाधीश राजीव रंजन रमण के समक्ष शपथपत्र दाखिल कर कई गंभीर आरोप लगाए जिसमें उन्होंने बताया कि शंभू गर्ल्स हॉस्टल में हमेशा गलत काम होता रहता था तथा रसूखदार लोग यहां आते जाते रहते थे। उनका हॉस्टल संचालक मनीष रंजन के साथ उठना बैठना था। शपथपत्र में कहा गया है कि शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रसूखदार लोगों के साथ मनीष रंजन का लगातार आना-जाना रहता था। मनीष की कई प्रभावशाली लोगों से करीबी थी और वे अक्सर हॉस्टल में उससे मिलने आते थे। उन्होंने यह भी दावा किया कि घटना वाले दिन भी कई रसूखदार लोगों को हॉस्टल आते-जाते देखा गया था।
पीड़िता के माता-पिता ने आरोप लगाया कि शंभू गर्ल्स हॉस्टल की आड़ में गलत गतिविधियां चलती थीं। वहां गरीब परिवारों से पढ़ने आई लड़कियों को बहला-फुसलाकर गलत काम में फंसाया जाता था और उनके खाने में नशीला पदार्थ मिलाकर उनके साथ गलत किया जाता था। मृतक छात्रा के माता—पिता ने बताया कि घटना के दिन भी कई रसूखदारों को लोगों शंभू गर्ल्स हॉस्टल आते-जाते देखा गया था। इस मामले में स्थानीय पुलिस और एसआईटी लगातार गुमराह करने और मामले की लीपापोती में लगी रही। माता—पिता ने अदालत से दरख्वास्त की कि उन्हें इस मामले में निष्पक्ष जांच और न्याय दिलवाई जाए।