बिहार विधान परिषद चुनाव में पटना स्नातक सीट पर जीत दर्ज करने के बाद जेडीयू नेता नीरज कुमार के तेवर और आक्रामक हो गए हैं। चुनाव के दौरान खुलकर उनके खिलाफ मोर्चा खोलने वाले मोकामा विधायक अनंत सिंह और पार्टी के वरिष्ठ नेता ललन सिंह पर उन्होंने तीखे राजनीतिक तंज कसे। नीरज कुमार से जब पूछा गया कि क्या वह केंद्रीय मंत्री ललन सिंह से मिलने या उनका आशीर्वाद लेने जाएंगे, तो उन्होंने इसे पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि ‘सवाल ही पैदा नहीं होता। मेरा आखिर क्या गुनाह था, जो मुझे इतनी परेशानी झेलनी पड़ी। जिनको बधाई देना है, वो हमें दे रहे हैं’। इसके बाद नीरज ने अपने तेवर दिखाते हुए कहा कि वह राजनीति में मिले इस कर्ज को सूद समेत लौटाएंगे। साफ है कि उनका ईशारा ललन सिंह और अनंत सिंह की तरफ था, जिनसे मिली परेशानियों को वह उन्हें सूद समेत वापस करने की बात कर रहे थे।

आगे नीरज ने कहा कि पार्टी धर्म का निर्वहन सबको करना चाहिए। लेकिन वह अब भी यह जानना चाहते हैं कि चुनाव के दौरान उन्हें इतनी कठिनाइयों का सामना क्यों करना पड़ा। इसके बाद नीरज ने साफ कहा कि जीत के बाद ललन सिंह से मिलने जाने और आशीर्वाद लेने का कोई सवाल ही नहीं उठता। नीरज कुमार ने कहा कि वह ऐसे लोगों की बधाई लेने के लिए राजनीति में नहीं आए हैं। वहीं उन्होंने चुनावी अभियान में सहयोग के लिए जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा का आभार जताया। इसके बाद वे जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा से मुलाकात करने गए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा से स्नेह मिला है। चुनाव में जिस सक्रियता से उन्होंने अपनी भूमिका तय की, वह काबिले तारीफ थी। कार्यकर्ताओं के बल पर हमने यह चुनावी यात्रा पूरी की।
जीत के बाद मीडिया से बातचीत में नीरज कुमार ने मोकामा विधायक अनंत सिंह पर निशाना साधते हुए कहा कि अब धनबल और बाहुबल की राजनीति नहीं चलेगी। हमारी जमानत जब्त करा रहे थे, अब अपनी तबीयत ठीक है कि नहीं, यह देखें। जब नीरज से पूछा गया कि अनंत सिंह ने उन्हें जीत की बधाई नहीं दी, तो नीरज कुमार ने दो टूक जवाब दिया। नीरज ने छूटते ही कहा कि मैं ऐसे लोगों की बधाई लेने के लिए राजनीति में नहीं आया हूं। इन लोगों की बधाई लेने से पाप चढ़ता है। एक दिन पहले ही चुनाव में अपने कैंडिडेट जन सुराज के अनुज सिंह की हार और नीरज की जीत के बाद अनंत सिंह ने कहा था कि वह नीरज कुमार को बधाई नहीं देंगे। इसके बाद नीरज कुमार से जब पूछा गया कि क्या वह केंद्रीय मंत्री ललन सिंह से मिलने या उनका आशीर्वाद लेने जाएंगे, तो उन्होंने इस संभावना को पूरी तरह खारिज कर दिया।
