MLC चुनाव के दौरान जेडीयू से बगावत कर अपनी ही पार्टी प्रत्याशी की अपने बयानों से दुर्गति करने वाले मोकामा विधायक अनंत सिंह को आज माकूल जवाब मिला है। गुरुवार की सुबह पटना स्नातक सीट से विजयी रहने वाले JDU के नीरज ने कहा कि चुनाव में जीत के बाद अनंत जैसे लोगों से बधाई लेने से पाप चढ़ता है। दरअसल, चुनाव में अपने प्रिय प्रत्याशी जन सुराज के अनुज सिंह की हार और नीरज की जीत पर अनंत सिंह ने कहा था कि वे नीरज को बधाई नहीं देंगे। इस पर आज गुरुवार को नीरज कुमार ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि—’उनसे कौन बधाई लेना चाह रहा है…ऐसे लोगों का बधाई लेने से तो और पाप चढ़ जाता है’। बता दें कि बिहार विधान परिषद चुनाव में पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से नीरज कुमार ने जीत दर्ज की है। नीरज कुमार ने यह भी साफ कर दिया कि वह ललन सिंह से भी बधाई नहीं लेंगे।
विधान परिषद चुनाव में पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से नीरज कुमार ने तमाम भीतरघातों के बाद भी जीत दर्ज की है। उन्हें कुल 19,930 वोट मिले, जबकि निकटतम राजद उम्मीदवार दिलीप कुमार को 15,275 वोट प्राप्त हुए। वहीं जदयू के बागी अनंत सिंह समर्थित उम्मीदवार अनुज सिंह तीसरे स्थान पर रहे। जीत के बाद नीरज कुमार ने जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा से मुलाकात की। उन्होंने उपमुख्यमंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव और विजय कुमार चौधरी से भी मुलाकात की। नीरज कुमार ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का आभार जताया और कहा कि इस चुनाव में कार्यकर्ताओं की मेहनत और पार्टी के नेताओं का सहयोग उनकी सबसे बड़ी ताकत रही। नीरज कुमार ने कहा कि चुनाव के दौरान पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनका साथ दिया।
नीरज ने यह भी कहा कि उनकी जीत में पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, निशांत कुमार और वरिष्ठ नेता वशिष्ठ नारायण सिंह के आशीर्वाद की मुख्य भूमिका रही। ऐसे में इन सभी लोगों से मिलना और उनके प्रति आभार जताना उनका दायित्व है। नीरज कुमार ने बताया कि उन्होंने कार्यकर्ताओं की ताकत पर चुनावी लड़ाई लड़ी। वे हमेशा नीतीश कुमार के बताए रास्ते पर चलना चाहते हैं। उन्होंने अपने चुनाव को धर्म और अधर्म के बीच की लड़ाई बताते हुए कहा कि इस दौरान एनडीए मजबूती से उनके साथ खड़ा रहा। चुनाव के दौरान अपने खिलाफ हुई बयानबाजी पर भी नीरज कुमार ने जवाब दिया। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने दावा किया था कि उनकी जमानत जब्त हो जाएगी। लेकिन चुनाव परिणाम ने सब कुछ साफ कर दिया। धनबल और बाहुबल की राजनीति अब नहीं चलेगी। जब तक उनका जमीर जिंदा है, कोई भी ताकत उन्हें झुका नहीं सकती। उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता और पूर्वजों ने उन्हें सिखाया है कि अगर किसी से कर्ज लो, तो उसे लौटा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि वह राजनीति में मिले इस कर्ज को सूद समेत लौटाएंगे। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें चुनाव में किन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा, यह सभी जानते हैं।
