नवादा : जिले के अकबरपुर प्रखंड क्षेत्र के पैजुना गांव में स्टेट हाइवे-103 (मंझवे-गोविंदपुर) के निर्माण को लेकर मुआवजे का विवाद गहराता जा रहा है। प्रभावित ग्रामीणों ने जमीन अधिग्रहण के बदले करीब 30 साल पुराने दर से मुआवजा देने और भुगतान में भेदभाव बरतने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण के लिए उनकी उपजाऊ और कीमती जमीन ली जा रही है, लेकिन मुआवजा तय करते समय वर्तमान बाजार मूल्य को नजरअंदाज किया जा रहा है, इससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार, करीब तीन दशक पुराने दर के आधार पर मुआवजा मिलने से उन्हें उचित राशि नहीं मिल पा रही है। उनका कहना है कि इतनी कम राशि में दूसरी जगह जमीन खरीदना संभव नहीं है। प्रभावित रैयतों ने मुआवजा निर्धारण में वर्तमान बाजार मूल्य को ध्यान में रखने की मांग की है।
ग्रामीणों ने मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया में असमानता बरतने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि इसी सड़क परियोजना के तहत आसपास के कई रैयतों को मुआवजा मिल चुका है, जबकि पैजुना गांव के कई प्रभावित रैयत अब तक भुगतान से वंचित हैं। कुछ लोगों पर कम दर से मुआवजा स्वीकार करने का दबाव बनाए जाने का आरोप लगाया है, इससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
शैलेन्द्र कुमार, सुबोध कुमार, रामप्रवेश कुमार, नवल किशोर प्रसाद, रामचंद्र प्रसाद, सत्येंद्र वर्मा और रामचरित्र प्रसाद सहित दर्जनों ग्रामीणों ने मामले में विरोध जताते हुए जिला प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है। ग्रामीणों ने मुआवजे का उचित निर्धारण करने और सभी प्रभावित रैयतों को समान प्रक्रिया के तहत भुगतान करने की मांग उठायी है।
भईया जी की रिपोर्ट