-पट खुलते ही उमड़े श्रद्धालु
नवादा : नगर की रेलवे कॉलोनी में मां दुर्गा की आराधना का अनूठा रंग देखने को मिल रहा है। यहां बंगला रीति-रिवाज और पारंपरिक विधि-विधान के अनुसार मां दुर्गा की पूजा-अर्चना की जाती है। शुक्रवार की देर रात विधिवत पूजा के बाद मां दुर्गा की प्रतिमा का पट खोला गया। पट खुलते ही पूरा पूजन स्थल मां के जयकारों से गूंज उठा। माता के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। भक्तों के चेहरे पर आस्था और उत्साह देखते ही बन रहा था। इसके साथ ही शहर में दुर्गापूजा की रौनक और बढ़ गयी। रेलवे कॉलोनी में वर्ष 1950 से बंगला पद्धति के अनुसार मां दुर्गा की पूजा की परंपरा निभायी जा रही है।

बताया जाता है कि उस समय पीडब्ल्यूआई के एक बंगाली इंजीनियर ने यहां इस परंपरा की शुरुआत की थी। इसके बाद से श्रद्धालु उसी विधि-विधान के अनुसार मां की आराधना करते आ रहे हैं। वर्षों पुरानी इस परंपरा को कायम रखने के साथ इस वर्ष भी पूजा को भव्य रूप देने की तैयारी की गयी है। रेलवे कॉलोनी में षष्ठी तिथि से ही पूजा के विशेष अनुष्ठान शुरू हो जाते हैं। यहां बेलभरणी विधान को विशेष महत्व दिया जाता है। परंपरा के अनुसार, इसके लिए मिर्जापुर स्थित सूर्य मंदिर के समीप से गुजरने वाली खुरी नदी से जल लाया जाता है। इसके बाद धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कर विधि-विधान से मां दुर्गा की पूजा की जाती है और प्रतिमा का पट खोला जाता है।
इस वर्ष भी पूजा-अनुष्ठान संपन्न कराने के लिए बंगाल से पुरोहित प्रशांतो चटर्जी और रॉबिन चटर्जी आए हैं। उनके निर्देशन में पारंपरिक विधि-विधान के अनुसार पूजा की जा रही है। बंगला पद्धति, विशेष अनुष्ठान और श्रद्धालुओं की आस्था इस आयोजन को विशिष्ट पहचान देती है। रेलवे कॉलोनी दुर्गापूजा समिति के अध्यक्ष एवं लाइसेंसधारी चंद्रिका प्रसाद के निर्देशन में पूजनोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। समिति के सदस्य पूजा की व्यवस्था बेहतर बनाने में जुटे हैं। जिले के विभिन्न स्थानों पर आयोजित दुर्गापूजा के बीच रेलवे कॉलोनी का आयोजन अपनी विशिष्ट बंगला परंपरा और धार्मिक आस्था के लिए खास पहचान रखता है।
भईया जी की रिपोर्ट

