नवादा : भागलपुर के शिक्षा विभाग में वित्तीय अनियमितताओं का मामला सामने आने के बाद राज्यभर में शिक्षा विभाग के कार्यालयों की जांच की जा रही है। इसी क्रम में प्रदेश स्तर के अधिकारियों की टीम ने नवादा जिला शिक्षा कार्यालय में वेतन भुगतान की प्रक्रिया की सघन जांच की। इस दौरान ईएफएमएस और एचआरएमएस के माध्यम से भुगतान की प्रक्रिया की पड़ताल की गय। साथ ही 69 शिक्षकों की रैंडम सूची के आधार पर उनके वेतन भुगतान से संबंधित रिकॉर्ड की जांच की गयी।
जांच टीम में बिहार शिक्षा परियोजना के अपर राज्य निदेशक धर्मेंद्र कुमार, शिक्षा विभाग के संयुक्त सचिव अमित कुमार और मगध प्रमंडल के आरडीडीई संजय कुमार सहित अन्य अधिकारी शामिल थे। अधिकारियों ने निर्माणाधीन जिला शिक्षा भवन का भी जायजा लिया। बिहार शिक्षा परियोजना के अपर राज्य निदेशक धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि यह नियमित जांच प्रक्रिया का हिस्सा है। इसी के तहत अधिकारी नवादा पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग में इस तरह की जांच आगे भी जारी रहेगी। भागलपुर के शिक्षा विभाग में वित्तीय अनियमितता सामने आने के बाद वेतन भुगतान की प्रक्रिया को लेकर पूरे राज्य में सख्ती बरती जा रही है।
नवादा में भी इसी क्रम में शिक्षकों के भुगतान से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की गयी। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। जिला शिक्षा विभाग के स्थापना कार्यालय को 69 शिक्षकों की रैंडम सूची देकर उनके वेतन भुगतान से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराने को कहा गया था। स्थापना डीपीओ के अनुसार, मांगी गयी जानकारी जांच टीम को उपलब्ध करा दी गयी है। उन्होंने बताया कि अरविंद कुमार नामक शिक्षक के भुगतान से संबंधित रिकॉर्ड में कुछ मिलान नहीं हो रहा था, जबकि शेष रिकॉर्ड सही पाये गये।
हालांकि, इस संबंध में अंतिम स्थिति जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी। जिला शिक्षा पदाधिकारी दीपक कुमार ने कहा कि फिलहाल वे इस मामले में कुछ नहीं कहेंगे। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पर टिप्पणी की जा सकेगी। पटना से आयी अधिकारियों की टीम ने डायट भवन के पास बन रहे जिला शिक्षा भवन के निर्माण कार्य का भी जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने निर्माण कार्य में देरी और गुणवत्ता से जुड़ी कमियों पर नाराजगी जतायी। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्माण कार्य सही तरीके से पूरा कराने का निर्देश दिया और निर्माण एजेंसी पर कार्रवाई की बात कही।
जानकारी के अनुसार, जिला शिक्षा भवन का निर्माण मार्च महीने तक पूरा हो जाना था, लेकिन अब तक कई काम अधूरे हैं। इस कारण भवन का उपयोग शुरू नहीं हो पाया है। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने तय समयसीमा के अनुपालन और निर्माण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने को कहा। अधिकारियों के निरीक्षण को देखते हुए जिला शिक्षा विभाग के स्थापना कार्यालय में विशेष सक्रियता दिखी। अधिकारी और कर्मचारी वेतन भुगतान से जुड़े रिकॉर्ड तथा मांगी गयी जानकारी उपलब्ध कराने में जुटे रहे। वेतन भुगतान की प्रक्रिया और निर्माणाधीन भवन से संबंधित जांच रिपोर्ट आने के बाद ही दोनों मामलों में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
भईया जी की रिपोर्ट
