नवादा : जिले के सिरदला थानेदार पर वसूली का आरोप लगाकर नवादा एसपी से शिकायत किए जाने के बाद अब मामले में नया मोड़ आता दिख रहा है। जिले के वरीय पत्रकार भैया जी के फैन-फॉलोवरों की ओर से कई फोटो और वीडियो भेजे गए हैं। वहीं, सूत्रों के हवाले से शिकायतकर्ता अरविंद कुमार उर्फ मोहन यादव को लेकर भी कई गंभीर दावे सामने आए हैं। मोहन यादव का सिरदला थाना ही नहीं, बल्कि अकबरपुर और रजौली थाना क्षेत्र से भी पुराना संपर्क रहा है।
क्षेत्र में उनका प्रभाव है और थाने में भी उनकी पहुंच होने की चर्चा लंबे समय से होती रही है। सूत्रों ने दावा किया कि मोहन यादव शराब के कथित कारोबार से जुड़े रहे हैं और क्षेत्र में शराब के कारोबारियों के साथ उनके संपर्क बताए जाते हैं। सूत्रों का सबसे गंभीर दावा यह है कि कथित रूप से जो लोग उनके संपर्क में रहकर शराब का कारोबार करते हैं, उनके साथ अलग व्यवहार किया जाता है, जबकि उनके माध्यम से कारोबार नहीं करने वालों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई कराने की कोशिश की जाती है। सूत्रों ने यह भी दावा किया कि शराब कारोबारियों से कथित लेन-देन तय होने की स्थिति में मामला दब जाता है और बात नहीं बनने पर पुलिस कार्रवाई कराई जाती है।
इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि मैं नहीं करता हूं। सूत्रों के मुताबिक, मोहन यादव पर पूर्व में शराब के निर्माण, बिक्री और तस्करी, बालू परिवहन तथा मारपीट से जुड़े मामलों में आरोप या मुकदमे होने की बात कही जा रही है। सूत्रों ने यह भी दावा किया कि कुछ मामलों में बाद में उनका नाम हटाया गया। इन दावों की पुष्टि पुलिस रिकॉर्ड और न्यायालयीन दस्तावेजों से किया जाना बाकी है। सूत्रों के अनुसार एक और गंभीर दावा यह है कि कथित रूप से अवैध कारोबारियों को पुलिस की गतिविधियों की जानकारी दी जाती थी। किस व्यक्ति पर कार्रवाई होनी है और किसे नहीं, इसकी जानकारी पहले से दिए जाने का भी दावा किया गया है। यदि यह दावा जांच में सही पाया जाता है तो मामला गंभीर पुलिस-प्रशासनिक जांच का विषय बन सकता है।
इधर भैया जी को मिले एक वीडियो ने इन दावों को लेकर सवाल और बढ़ा दिए हैं। वीडियो में मोहन यादव पर आरोप लगाए जाते दिखाई दे रहे हैं। सवाल पूछने वाले व्यक्ति ने अपनी आवाज बंद कर रखी है, जबकि जवाब देने वाला व्यक्ति बातचीत के दौरान कुछ बातों को स्वीकार करता हुआ दिखाई देता है। वीडियो की तारीख, स्थान और पूरी परिस्थितियों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। सूत्रों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए मोहन यादव और संबंधित पुलिसकर्मियों के बीच हुई बातचीत तथा WhatsApp कॉल की कानूनी प्रक्रिया के तहत जांच कराने की मांग की है। सूत्रों का दावा है कि इससे आरोपों की सच्चाई सामने आ सकती है।
अब मामला सिर्फ थानेदार पर लगाए गए वसूली के आरोप तक सीमित नहीं रह गया है। एक तरफ एसपी से शिकायत है, दूसरी तरफ शिकायतकर्ता को लेकर गंभीर दावे और वीडियो सामने आ रहे हैं। ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच से ही वास्तविक तस्वीर सामने आ सकती है। भैया जी को जैसे-जैसे नए फोटो और वीडियो मिल रहे हैं, उनकी भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस और संबंधित पक्ष का आधिकारिक पक्ष मिलने पर उसे भी खबर में शामिल किया जाएगा।
भईया जी की रिपोर्ट