नवादा : त्योहारों के मौसम की श्रृंखला आरंभ होते ही एक बार फिर रसोई का बजट बिगड़ने लगा है। सब्जियों के साथ अब प्याज के दाम भी तेजी से बढ़ने लगे हैं। पिछले कुछ दिनों में प्याज की कीमत में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। बाजार में प्याज का भाव 50 रुपये प्रति किलो के पार पहुंच गया है। अचानक बढ़े दामों ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। लोगों का कहना है कि त्योहारों के दौरान घर का खर्च पहले से ही बढ़ जाता है। ऐसे में प्याज की बढ़ती कीमत ने रसोई का बजट और प्रभावित कर दिया है। जिले के बाजारों में प्याज की कीमत में तेजी का असर साफ दिखाई दे रहा है।
कुछ दिन पहले तक जिस प्याज की कीमत 20 से 30 रुपये प्रति किलो थी, अब वही प्याज 50 रुपये या उससे अधिक प्रति किलो बिक रहा है। अलग-अलग गुणवत्ता और आकार के प्याज के दाम में भी अंतर देखा जा रहा है। दुकानदारों के अनुसार थोक बाजार में कीमत बढ़ने के कारण खुदरा बाजार में भी प्याज महंगा हो गया है। बढ़ी कीमत का सीधा असर आम उपभोक्ताओं की रसोई पर पड़ रहा है।
व्यापारियों का कहना है कि प्याज के दाम मुख्य रूप से मंडियों में आने वाली आवक और बाजार की मांग पर निर्भर करती है। यदि मंडियों में प्याज की आवक बढ़ती है, तो कीमत में राहत मिल सकती है। वहीं, आवक कम रहने और मांग बढ़ने की स्थिति में खुदरा कीमतों में और उतार-चढ़ाव संभव है। सब्जी विक्रेताओं के मुताबिक त्योहारों के दौरान मांग बढ़ने से बाजार पर दबाव बढ़ता है। हालांकि आने वाले दिनों में आवक सामान्य होने पर कीमतों में कमी आने की उम्मीद जतायी जा रही है।
प्याज के बढ़ते दाम को लेकर आम उपभोक्ता अब राहत की उम्मीद कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि त्योहार खुशियों का समय होता है, लेकिन लगातार बढ़ती खाद्य कीमतें परिवारों के लिए अतिरिक्त आर्थिक बोझ बन रही हैं। उपभोक्ताओं ने बाजार में कीमतों की निगरानी और जमाखोरी पर नजर रखने की मांग की है। फिलहाल प्याज का भाव 50 रुपये प्रति किलो के पार पहुंचने से यह आम आदमी की रसोई में एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है। आने वाले दिनों में प्याज की आवक और बाजार की स्थिति पर इसकी कीमत निर्भर करेगी। त्योहारों के बीच लोगों की नजर अब इसी बात पर है कि प्याज के बढ़े हुए भाव कब तक राहत देते हैं।