नवादा : पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की महत्वाकांक्षी गंगाजल आपूर्ति योजना (फेज-II, पार्ट-I) के तहत जलाशय (रिजर्वायर) निर्माण कार्य को लेकर जिले के नारदीगंज थाना क्षेत्र के मधुबन गांव में जमकर बवाल हुआ। जिला प्रशासन और भारी पुलिस बल की मौजूदगी में अधिग्रहित भूमि पर लहलहाती धान की फसल के बीच जेसीबी और पोकलेन मशीन से काम शुरू कराया जाने लगा, तो स्थानीय ग्रामीणों और किसानों का आक्रोश फूट पड़ा। निर्माण कार्य का विरोध कर रहे ग्रामीणों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया, जिसके बाद उन्हें मौके से हटाया गया। घटना के बाद पूरे इलाके में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है।
जानकारी के अनुसार, गंगाजल आपूर्ति योजना के तहत जलाशय निर्माण के लिए सरकार द्वारा क्षेत्र की करीब 151 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया गया है। अंचलाधिकारी रईस आलम के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम भारी पुलिस बल के साथ अधिग्रहित भूमि पर निर्माण कार्य शुरू कराने पहुंची थी। किसानों ने इस जमीन पर धान की फसल लगा रखी थी, जिसके कारण प्रशासनिक कार्रवाई शुरू होते ही उन्होंने इसका विरोध करना शुरू कर दिया।
किसानों का आरोप है कि जमीन का अधिग्रहण कागजों पर पूरा कर लिया गया है, लेकिन उन्हें अब तक उचित और न्यायसंगत मुआवजा नहीं मिला है। किसानों का कहना है कि उन्होंने अपनी गाढ़ी कमाई और मेहनत से खेतों में धान की फसल तैयार की थी। लहलहाती फसल पर जेसीबी और पोकलेन मशीनें चलते देख किसानों का आक्रोश बढ़ गया और वे निर्माण कार्य रोकने के लिए मौके पर पहुंच गए।
निर्माण कार्य को लेकर देखते ही देखते प्रशासनिक अधिकारियों और आक्रोशित ग्रामीणों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। ग्रामीणों के उग्र तेवर को देखते हुए मौके पर तैनात भारी पुलिस बल ने मोर्चा संभाल लिया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया और विरोध कर रहे ग्रामीणों व महिलाओं को मौके से हटा दिया।
पुलिस की कार्रवाई के बाद ग्रामीण पीछे हटने को मजबूर हुए। इसके बाद कड़े सुरक्षा घेरे के बीच प्रशासनिक टीम ने फसल हटाने और जलाशय निर्माण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया। घटना के बाद किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में निर्माण कार्य जारी है।
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि भूमि अधिग्रहण की कानूनी और कागजी प्रक्रिया पहले ही पूरी की जा चुकी है। नियमानुसार मुआवजा वितरण की कार्रवाई भी प्रक्रियाधीन है। अधिकारियों के अनुसार, किसानों को अधिग्रहित भूमि पर खेती करने से मना किया गया था, बावजूद इसके मधुबन के ग्रामीण किसानों ने धान की फसल लगा दी थी।
प्रशासन का कहना है कि अब अधिग्रहित भूमि से फसल हटाई जा चुकी है और निर्माण कार्य शांतिपूर्ण तरीके से जारी है। अपनी जमीन और फसल दोनों को लेकर प्रभावित किसानों में प्रशासन के कड़े रुख को लेकर गहरा असंतोष और मायूसी है। किसानों का कहना है कि जब तक उन्हें उचित मुआवजा नहीं मिलता, तब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ है। घटना के बाद गांव और आसपास के क्षेत्र में तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गयी है।
थनाध्यक्ष राजेश कुमार ने बताया कि गंगाजल आपूर्ति योजना के तहत जलाशय निर्माण के लिए 151 एकड़ भूमि के अधिग्रहण की विधिक और कागजी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। नियमानुसार मुआवजा वितरण की कार्रवाई प्रक्रियाधीन है। किसानों को अधिग्रहित भूमि पर खेती करने से मना किया गया था, बावजूद इसके मधुबन के ग्रामीण किसानों ने धान की रोपाई कर दी थी, जिसे हटाया जा चुका है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और शांतिपूर्ण तरीके से निर्माण कार्य जारी है।
भईया जी की रिपोर्ट