नवादा : “छेड़ दिया तो छोड़ेंगे नहीं” छेड़ा तो पूर्व में भी कई ने। यहां तक कि समाहरणालय पर धरना तक दिया लेकिन अंजाम तक पहुंचाया हिसुआ विधायक अनिल सिंह ने। मामला राशन में करप्शन का है। जी हां! वैसे तो मैं पूर्व से कहता आ रहा हूं बगैर प्रमाण मैं कुछ लिखता नहीं। ऐसा इसलिए कि मेरी लेखनी पर कोई उंगली न उठाये। कई बार मैं आरोपी के साथ जिला प्रशासन का कोप भाजन का शिकार हो चुका हूं और हो भी रहा हूं। तो चलिए आज मैं बात कर रहा हूं राशन में करप्शन का।

हिसुआ विधायक अनिल सिंह ने नरहट व हिसुआ राज्य खाद्य गोदाम की जांच तो भारी अनियमितता मिली। जाहिर है जब जांच होती है तब आरोपों की फिर जांच होती है सो बिलम्ब तो होना ही था सो हुआ। जब बिलम्व हुआ तो विपक्षी व पीडीएस विक्रेताओं ने आरोप लगाया चलो इसी बहाने विधायक का कमीशन बढ़ा अब सब ठीक हो गया।
लेकिन जैसा कि हमने कहा ” छेड़ दिया तो छोड़ेंगे नहीं” सो लम्बे अर्से बाद जब कार्रवाई हुई तो जिले से लेकर प्रखंडों यहां तक परिवहन से जुड़े लोगों तक ऐसी कार्रवाई हुई कि सिस्टम कांप उठा। अभी और कार्रवाई होनी शेष है। जाहिर है ” छेड़ दिया तो छोड़ेंगे नहीं” जिला प्रबंधक से लेकर गुणवत्ता अधिकारी, हिसुआ, नरहट, सिरदला प्रबंधक सभी नप गये। जब नप गए तो हड़कंप मचना स्वाभाविक तो है ही जिले में चर्चाओं का बाजार गर्म है।
तो फेहरिस्त लम्बी है सो आप स्वयं संलग्न दस्तावेजों में आप खुद देखिए कौन कौन आये कार्रवाई की जद्द में और अभी और किन किन लोगो पर होगी कार्रवाई। वैसे बता दें सबसे पहले नवादा विधायक विभाग देवी ने राशन में करप्शन को लेकर समाहरणालय पर कई दिनों तक अनशन किया तो गोविंदपुर विधायिका ने राज्य खाद्य आपूर्ति गोदाम गोविंदपुर में व्यापक पैमाने पर अनियमितता पाई लेकिन थक-हार कर दोनों ने चुप्पी साध ली। परिणाम सिफर रहा तो जनता की नजरों में —-।

भईया जी की रिपोर्ट
