नवादा : सरकारी योजनाओं और इंजीनियरिंग की लापरवाही का जीता-जागता नमूना जिले रजौली प्रखंड के क्षेत्र अंधरवारी पंचायत में देखने को मिला। करोड़ों रुपये की लागत से बना प्रथम वर्गीय पशु चिकित्सालय और पंचायत सरकार भवन तो तैयार हो गया, लेकिन इन भवनों तक पहुंचने के लिए ग्रामीणों को आज भी पगडंडी और कीचड़ भरे रास्ते से गुजरना पड़ रहा है।
विकास के नाम पर बनी ये दोनों सरकारी इमारतें मुख्य मार्ग से महज 500 मीटर की दूर हैं,लेकिन 500 मीटर की दूरी को तय करना ग्रामीणों के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। बारिश होते ही पूरा रास्ता दलदल में बदल जाता है और पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। मंगलवार को पंचायत सरकार भवन में सहयोग शिविर का आयोजन किया गया था। इसमें शामिल होने आए ग्रामीण अरविंद कुमार सिंह, बिपिन सिंह, रामबिलास प्रसाद, पिंकी देवी, गुड़िया देवी समेत दर्जनों लोगों ने बताया कि वे कीचड़नुमा और फिसलनदार कच्चे रास्ते से होते हुए भवन तक पहुंचे।
इस दौरान कई लोग फिसलकर गिर गए। ग्रामीणों ने बताया कि रास्ते की स्थिति इतनी खराब है कि पंचायत कर्मी और पदाधिकारी अपनी बाइक और कार को मुख्य सड़क पर ही ग्रामीणों के घर के पास खड़ा कर पैदल भवन तक आते हैं। सम्पर्क पथ नहीं होने के कारण आम ग्रामीण पंचायत सरकार भवन आने से कतराते हैं। सहयोग शिविर को सफल बनाने के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधि को मजबूरी में ईंट के टुकड़े बिछवाने पड़े, तब जाकर किसी तरह लोगों का आना-जाना संभव हो पाया।
ग्रामीणों का दर्द साफ झलक रहा था। ग्रामीणों ने कहा कि “एक गरीब अनपढ़ व्यक्ति भी जब घर बनाता है तो सबसे पहले रास्ते के बारे में सोचता है। लेकिन सरकार ने करोड़ों खर्च करके भवन तो बना दिया, लेकिन वहां तक जाने के लिए रास्ते का इंतजाम नहीं किया। ग्रामीणों ने बताया कि पशु चिकित्सालय में इलाज के लिए पशुओं को लाना-ले जाना भी इसी कीचड़ से होकर पड़ता है। बीमार पशुओं को कंधे पर ढोकर लाने की नौबत आ जाती है।
ग्रामीणों ने हरदिया की स्थिति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वहां बनी हुई पीसीसी सड़क के ऊपर ही मिट्टी का भराव कर दिया गया, जिससे पूर्व में बनी अच्छी सड़क भी खराब हो गई। एक तरफ सड़क खराब की जा रही है तो दूसरी तरफ भवनों तक सड़क बनाई ही नहीं जा रही। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और ग्रामीण कार्य विभाग से मांग की है कि अंधरवारी पंचायत भवन और पशु चिकित्सालय तक अविलंब पक्की सड़क का निर्माण कराया जाए, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ आम लोगों तक पहुंच सके। इस बावत बीपीआरओ हरिमोहन कुमार ने फंड की उपलब्धता होते ही सड़क निर्माण का आश्वासन दिया है।
भईया जी की रिपोर्ट