नवादा : बिहार सरकार द्वारा आरंभ किया गया सहयोग पोर्टल का अधिकारियों द्वारा धज्जियां उड़ाई जा रही है। जी हां! ऐसा हम नहीं बल्कि भेजा गया दस्तावेज कह रहा है। मामला अपर समाहर्ता कार्यालय के पेशकार श्यामनंदन सिंह द्वारा पक्ष में न्याय देने के एवज में एक लाख रुपए रिश्वत से जुड़ा है। रिश्वत मांगे जाने का आडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। सिरदला प्रखंड क्षेत्र के रबियो गांव से जुड़ा मामला था। महिला ने उपरोक्त मामले को सहयोग पोर्टल के साथ विभिन्न अधिकारियों को आवेदन देकर उठाया था। नियमत: सहयोग पोर्टल पर दर्ज वाद का निष्पादन 30 दिनों के अंदर करना है।
सहयोग पोर्टल पर दर्ज आरोप अपर समाहर्ता से जुड़ा था न कि सिरदला अंचल से। अपर समाहर्ता ने स्वयं व अपने अधिनस्थ कर्मचारी को बचाने के लिए नियम के विपरित आरोप को सिरदला अंचल अधिकारी को स्थानांतरित कर दिया। अब आप सहज अंदाजा लगा सकते हैं जिस कार्यालय से जुड़ा मामला हो ही नहीं वह भला क्या कहेगा? सो उसने स्पष्ट जबाव दिया मेरे कार्यालय से संबंधित मामला है ही नहीं और वही जबाव वादी को भेज दिया गया। वैसे बिहार सरकार ने फिलहाल अपर समाहर्ता का तबादला कर जिले के प्रभारी मंत्री का आप्त सचिव बना दिया है। अब निर्णय आपको करना है बिहार सरकार का सहयोग पोर्टल कितना कारगर होगा?
भईया जी की रिपोर्ट