– अधिकारी की ग़लती का खामियाजा भुगत रहा महादलित परिवार
नवादा : जिले के अधिकारी खुद गलती पर गलती करते रहंने के बावजूद अपनी ग़लती मानने को तैयार नहीं हैं। अधिकारियों की ग़लती का खामियाजा कई लोग भुगत रहे हैं। आश्चर्य यह कि निषेधाज्ञा किसी भूमि पर लगाते हैं और रोका जाता किसी और का है। ऐसा लाभ- शुभ के कारण हो रहा है। और तो और पुलिस प्रशासन भी बगैर जांच पड़ताल वैसे अधिकारियों का आंख बंद कर समर्थन कर रहे हैं।
ताज़ा मामला गोविंदपुर प्रखंड क्षेत्र के अम्बेडकर नगर का है। सुनैना देवी व प्रदीप मांझी के परिजनों को जिला प्रशासन द्वारा प्रति एक एकड़ 80 डिस्मील भूमि प्रदान की थी। बहुत दिनों बाद जब सुनैना देवी अपने परिवार के साथ वापस लौटी तो देखा कि प्रदीप मांझी उसकी भूमि पर अवैध भवन निर्माण करा रह रहा है। जब उसने अपनी घर की आधारशिला रखी तो प्रदीप मांझी उसका विरोध करना शुरू कर दिया।
मामला एसडीएम न्यायालय पहुंचा
चूंकि मामला भूमि विवाद से जुड़ा था इसलिए निषेधाज्ञा लागू कर दोनों पक्षों को भवन निर्माण कार्य पर रोक लगा दिया गया। निवर्तमान एसडीएम ने मामले की सुनवाई व कागजातों के आधार पर सुनैना देवी भवन निर्माण का आदेश निर्गत कर दिया।
फिर हुआ विवाद
पुनः जब सुनैना देवी ने भवन निर्माण आरंभ किया तो प्रदीप मांझी ने अड़ंगा डाल दिया। मामला रजौली एसडीपीओ के न्यायालय में पहुंचा। नियमत: एक बार निषेधाज्ञा लागू कर दिया गया तो उसी भूमि पर बार बार निषेधाज्ञा लागू नहीं किया जा सकता। लेकिन निषेधाज्ञा लागू किया गया लेकिन जिस भूमि पर निषेधाज्ञा लागू किया गया वह सुनैना देवी के बजाय किसी और का है।
अधिकारी गलती मानने को तैयार नहीं
आश्चर्य यह कि पुलिस प्रशासन भी बगैर जांच पड़ताल के ही सुनैना देवी की भूमि पर भवन निर्माण कार्य पर रोक लगा दी। अब सबसे बड़ा सवाल जब सुनैना देवी की भूमि पर निषेधाज्ञा लागू नहीं किया गया तब फिर रोक क्यों? ऐसे में महादलित अधिकारियों का दरवाजा खटखटा रही है लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं।
कुछ इसी प्रकार की कहानी अकबरपुर अंचल अधिकारी की है। उन्होंने मालिक गैर मजरुआ भूमि को बिहार सरकार सर्वसाधारण भूमि बताकर पूर्व प्रमुख रेणु देवी की फतेहपुर कीक्षजमीन पर भवन निर्माण पर रोक लगा दी। मामला रजौली एसडीएम व अपर समाहर्ता तक पहुंचा लेकिन किसी ने न्याय देना तो दूर मामले का संज्ञान तक नहीं लिया। विश्व होकर उच्च न्यायालय का शरण लेना पड़ा जिसकी सुनवाई 29 जून को होनी है। तभी तो कहते हैं खाता न बही, अधिकारी जो कहे वही सही।
भईया जी की रिपोर्ट