– आडियो वायरल होने के बावजूद नहीं किया कार्यमुक्त
नवादा : जिले के विभिन्न कार्यालयों में भ्रष्टाचार चरम पर है। बावजूद जिला प्रशासन भ्रष्ट अधिकारियों व कर्मचारियों को बचाने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। परिणाम है कि अब नागरिकों को खुद भ्रष्टाचार के विरुद्ध मुहीम छेड़नी पड़ रही है। मामला चाहे पीडीएस, आइसीडीएस, मनरेगा ,पैक्सों का हो या फिर भूमि से जुड़े संबंधित न्यायालय व अधिकारियों का है हर की स्थिति यही है। जांच में प्रमाणित होने के बावजूद कार्रवाई के बजाय फायलों को रद्दी की टोकरी में डाला जा रहा है। परिणाम है कि भ्रष्टाचार कमने के बजाय दिनों दिन सुरसा की मुंह की भांति बढ़ता जा रहा है।
ताज़ा मामला अपर समाहर्ता कार्यालय का है। अपर समाहर्ता न्यायालय के पेशकार श्यामनंदन सिंह ने सिरदला प्रखंड क्षेत्र के नरौली गांव से जुड़े रुबी देवी के मामले में मोबाइल पर अधिवक्ता के माध्यम से रु ब रु होकर एक लाख रुपए रिश्वत की मांग की। उक्त मामले का आडियो वायरल हुआ। सोशल मीडिया पर ” भैया जी” की खबरें प्रमुखता से उठायी गयी।
नियमत: किसी पर प्रमाण के साथ आरोप लगने पर तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त कर मामले की जांच का प्रावधान है। लेकिन अबतक श्यामनंदन सिंह को कार्यमुक्त न कर उल्टे पीड़ित महिला को एमडीएम कार्यालय बुलाया जा रहा है। अब सबसे बड़ा सवाल ऐसा करना न्यायोचित है? वैसे अपर समाहर्ता खुद विभागीय कर्मचारियों के विरुद्ध लगाये गये आरोपों की जांच के लिए सक्षम पदाधिकारी हैं। बावजूद जांच के बजाय वे मामले को गंभीरता से न लेकर टालने में लगे हैं। ऐसे में पीड़िता ने सहयोग पोर्टल का सहारा लिया है। उन्होंने सहयोग पोर्टल पर वाद दायर कर न्याय की गुहार लगायी है। अब इंतजार है सहयोग पोर्टल पर आने वाले परिणाम की।
भईया जी की रिपोर्ट