– पुर्व से उत्पाद व शस्त्र अधिनियम का है आरोपी
नवादा : कहते हैं पुलिस अगर चाह ले तो अपराध व अपराधियों पर लगाम लगाना संभव है। इसी को चरितार्थ कर दिखाया है जिले के अकबरपुर थानाध्यक्ष रुपेश कुमार सिन्हा ने। इसे मगध आईजी का कमाल कहा जाय या फिर पुलिस की कार्यशैली में सुधार?हत्या की प्राथमिकी दर्ज करने के मात्र छः घंटे के अंदर हत्याभियुक्त को उसके ससुराल से गिरफ्तार कर लिया।
क्या है मामला:- थाना क्षेत्र के पैजुना गांव में 15 अप्रैल की देर शाम शंभु शरण के पुत्र राजीव कुमार के साथ गांव के ही आदतन अपराधी सरयू महतो के पुत्र सुबोध कुमार ने उस समय मारपीट किया जब वह नये घर से पुराने घर जा रहा था। बेहोशी की हालत में परिजनों ने इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया जहां से सदर अस्पताल व पावापुरी बिम्स व पीएमसीएच रेफर कर दिया। गंभीर हालात को देखते हुए परिजनों ने इलाज के लिए पटना के निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया जहां इलाज के क्रम में 18 अप्रैल को मौत हो गयी।
परिजनों को बताया हमलावर का नाम
मौत के पूर्व परिजनों को गांव के ही आदतन अपराधी द्वारा मारपीट की सूचना दी थी।
दर्ज करायी प्राथमिकी
मौत के तत्काल बाद मृतक के भाई अवधेश कुमार थानाध्यक्ष को सूचना दी। सूचना व आवेदन के आलोक में थानाध्यक्ष ने कांड संख्या 204,/26 दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप अग्रेतर कार्रवाई आरंभ कर दी। वैज्ञानिक अनुसंधान में आरोपी के ससुराल में होने की सूचना मिलते ही त्वरित कार्रवाई कर गिरफ्तार कर लिया।
पूर्व से रहा है अपराधी
आरोपी के विरुद्ध उत्पाद अधिनियम के तहत अकबरपुर थाना कांड संख्या 109/23 व शस्त्र अधिनियम के तहत थाना कांड संख्या 430/23 दर्ज है जिसमें फिलहाल न्यायालय से जमानत पर है। इस प्रकार प्राथमिकी दर्ज होने के मात्र छः घंटे के अंदर हत्याभियुक्त को सलाखों के पिछे भेज संभवतः अकबरपुर थानाध्यक्ष ने दुबारा इतिहास कायम कर दिया जिसकी सराहना की जा रही है। इसके पूर्व वर्ष 2008 में सकरपुरा पंचायत मुखिया स्व ललन सिंह की गोली मारकर हत्या के बाद भाग रहे अपराधी गांव के ही प्रतिद्वंद्वी नरसिंह सिंह को खून से निवर्तमान थानाध्यक्ष मो नसीम ने गिरफ्तार कर जिले में किर्तिमान स्थापित किया था।
भईया जी की रिपोर्ट