-भोला शंकर को मिली अध्यक्ष की जिम्मेदारी
नवादा : ज्ञान विज्ञान समिति का 12 वां न्जिला सम्मेलन नगर के प्रोजेक्ट कन्या इंटर विद्यालय के सभा कक्ष में संपन्न हुआ। सम्मेलन की अध्यक्षता अध्यक्ष मंडल के साथी समिति के उपाध्यक्ष पुष्पा कुमारी और भोला जी ने की जबकि वामपंथी नेता सह ज्ञान विज्ञान समिति के प्रदेश अध्यक्ष प्रो नरेशचंद्र शर्मा पर्यवेक्षक के रूप में उपस्थित रहे।
सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए प्रो नरेशचंद्र शर्मा ने ज्ञान विज्ञान समिति के स्थापना से लेकर अब तक के संघर्षों का ऐतिहासिक स्वरूप पेश किया। उन्होंने भोपाल गैस त्रासदी के उत्पन्न परिस्थितियों से समिति के संघर्ष गाथा को जोड़ते हुए वर्तमान में इसकी भूमिका और औचित्य पर विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। खासकर मानवीय चेतना के चहुमुखी विकास के लिए किए जाने वाले समस्त प्रयासों को ज्ञान विज्ञान और कला जत्था का वास्तविक प्रयास बताया।
पुष्पा कुमारी ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए सन 1992 में महिलाओं के लिए चलाए गए अभियानों से परिचित कराया और कहा कि उस समय लड़कियां साइकिल चलाना सोच भी नहीं सकती थी लेकिन समिति के प्रयास से जत्थे में निकल कर लड़कियां सायकिल चलाना सीखने लगी। समिति के सचिव ने पिछले दो वर्षों के कार्यकाल में ज्ञान विज्ञान समिति द्वारा किए गए कार्यक्रमों का ब्यौरा प्रस्तुत किया। उद्बोधन सत्र में दर्जनों वक्ताओं ने अपने अपने विचार रखे और ज्यादा से ज्यादा लोगों को संगठन से जोड़ने की कवायद पर जोर दिया।
सांगठनिक सत्र में नए कार्यकारणी का विधिवत चुनाव किया गया जिसमें भोला शंकर वर्णवाल को अध्यक्ष, राकेश कुमार विभूति को सचिव, अनिल प्रसाद सिंह को उपाध्यक्ष, पुष्पा कुमारी को सहसचिव और भगीरथ प्रसाद को कोषाध्यक्ष निर्वाचित किया गया। इसके अलावी अवधेश कुमार, अशोक समदर्शी, रेणु कुमारी, राजकुमारी दिनेश अकेला, विनीता कुमारी समेत 15 लोगों को कार्यकारणी सदस्य बनाए गए वक्ताओं में अशोक समदर्शी, अवधेश कुमार, राजकुमारी देवी, अनिल प्रसाद सिंह, मथुरा पासवान, चंदेश्वर प्रसाद, दिनेश कुमार अकेला इत्यादि शामिल थे।
भईया जी की रिपोर्ट