नवादा : जिलाधिकारी रवि प्रकाश के निर्देशानुसार 15 अप्रैल को जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र (डीआरसीसी) बुधौल में ‘सोलर लोन मेला’ का आयोजन किया जाएगा। कार्यपालक अभियंता, विद्युत प्रमंडल अनिल कुमार भारती ने बताया कि पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की प्रगति की उच्चस्तरीय समीक्षा के दौरान यह तथ्य सामने आया है कि बिहार में बैंकों द्वारा करीब 45 प्रतिशत ऋण आवेदनों को तकनीकी कारणों से रद्द कर दिया गया है, जो राष्ट्रीय स्तर पर सर्वाधिक है।
मेले का मुख्य उद्देश्य पूर्व में रद्द अथवा लंबित आवेदनों की त्रुटियों को सुधार कर उन्हें तत्काल स्वीकृति प्रदान करना है ताकि ऋण वितरण प्रक्रिया को सुचारू बनाया जा सके। उन्होंने बताया कि ऐसे इच्छुक व्यक्ति जो अपने घर की छत पर सोलर प्लांट लगाना चाहते हैं, वे इस मेले में भाग लेकर योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। आवेदन के लिए उपभोक्ताओं को सिर्फ आधार कार्ड, नवीनतम बिजली बिल एवं छत के स्वामित्व का स्व-अभिप्रमाणित प्रमाण-पत्र साथ लाना अनिवार्य होगा। प्रथम चरण में 2.5 लाख उपभोक्ताओं को सौर ऊर्जा से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने बताया कि इस योजना के अंतर्गत भारत सरकार द्वारा सब्सिडी प्रदान की जा रही है, जिसमें एक किलोवाट के लिए 30 हजार रुपये, दो किलोवाट के लिए 60 हजार और तीन किलोवाट या उससे अधिक के लिए 78 हजार रुपये की वित्तीय सहायता निर्धारित है। विशेषज्ञों के अनुसार, सौर संयंत्र की स्थापना लागत लगभग तीन से चार वर्षों में वसूल हो जाती है जबकि इसके बाद 25 वर्षों तक उपभोक्ताओं को लगभग निःशुल्क बिजली का लाभ मिलता है।
2.5 लाख ‘कुटीर ज्योति’ उपभोक्ताओं को सौर ऊर्जा से जोड़ने का लक्ष्य
कार्यपालक अभियंता ने बताया कि राज्य सरकार का लक्ष्य प्रथम चरण में 2.5 लाख ‘कुटीर ज्योति’ उपभोक्ताओं को सौर ऊर्जा से जोड़ना है। योजना की प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिला स्तर पर प्रत्येक 15 दिनों में इसकी नियमित समीक्षा की जाएगी। जिला प्रशासन द्वारा जिले के सभी नागरिकों से अपील की गई है कि वे इस सोलर लोन मेले में अधिक से अधिक संख्या में भाग लें।
भईया जी की रिपोर्ट