नवादा : समाहरणालय सभाकक्ष में जिला पदाधिकारी श्री रवि प्रकाश की अध्यक्षता में फसल अवशेष (पराली) को खेतों में नहीं जलाने के संबंध में जिला स्तरीय अंतर-विभागीय कार्य समूह एवं हार्वेस्टर मालिकों/संचालकों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट रूप से कहा कि फसल अवशेष जलाना न केवल पर्यावरण के लिए अत्यंत हानिकारक है, बल्कि इससे मिट्टी की उर्वरता एवं उत्पादकता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों एवं हार्वेस्टर मालिकों/संचालकों को निर्देश दिया कि वे किसानों को इस संबंध में व्यापक रूप से जागरूक करें तथा वैकल्पिक उपायों को अपनाने हेतु प्रेरित करें।
जिला पदाधिकारी ने बताया कि जिला कृषि कार्यालय के माध्यम से सभी हार्वेस्टर संचालकों एवं मालिकों को एक निर्धारित घोषणा-पत्र उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने निर्देश दिया कि हार्वेस्टिंग कार्य प्रारंभ करने से पूर्व संबंधित कृषकों से उक्त घोषणा-पत्र अनिवार्य रूप से भरवाया जाए तथा उस पर उनके हस्ताक्षर प्राप्त किए जाएं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि संबंधित कृषक फसल अवशेष नहीं जलाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो भी कृषक फसल अवशेष जलाते हुए पाए जाएंगे, उनका निबंधन 03 वर्षों के लिए रद्द कर दिया जाएगा तथा उनके विरुद्ध विधि-सम्मत कार्रवाई की जाएगी।
जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि पराली प्रबंधन हेतु सरकार द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे कृषि यंत्रों एवं योजनाओं का अधिकतम लाभ किसानों तक पहुँचाना सुनिश्चित करें। साथ ही हार्वेस्टर संचालकों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि मशीनों के संचालन के दौरान अवशेष प्रबंधन से संबंधित आवश्यक उपकरणों का अनिवार्य रूप से उपयोग करें, ताकि खेतों में अवशेष जलाने की आवश्यकता न पड़े।
बैठक के दौरान संबंधित पदाधिकारियों द्वारा फसल अवशेष प्रबंधन के विभिन्न उपायों, जागरूकता अभियान के संचालन तथा सख्त निगरानी व्यवस्था को और प्रभावी बनाने पर विस्तृत चर्चा की गई। यह भी निर्णय लिया गया कि नियमों का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त एवं त्वरित कार्रवाई की जाएगी, ताकि इस समस्या पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके। बैठक में जिला कृषि पदाधिकारी, संबंधित विभागों के पदाधिकारी एवं हार्वेस्टर मालिक/संचालक उपस्थित थे।
भईया जी की रिपोर्ट