नवादा : पीयूसीएल द्वारा पूर्व में घोषित दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आगाज नगर थाना क्षेत्र के मिर्जापुर स्थित शिवानी पैलेस में हुआ जिसकी अध्यक्षता संगठन के जिला अध्यक्ष डॉ ओंकार निराला ने की। जिले के सुविख्यात संस्कृतिकर्मी और संगठन के ओहदेदार अशोक समदर्शी के संचालन में प्रारंभ प्रशिक्षण शिविर के प्रशिक्षक संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रो पुष्पेंद्र, मानवाधिकार विशेषज्ञ डॉ गोपाल कृष्ण, मो जाहिद एवं इब्राना इत्यादि ने पीयूसीएल के इतिहास और वर्तमान से परिचित कराते हुए उसके समाजशास्त्रीय विवेचना प्रस्तुत की।
प्रशिक्षण के पहले दिन मानवाधिकार से संबंधित संवैधानिक बारीकियों पर गहन विचार विमर्श के साथ नवादा में इसकी कार्यशैली और क्रियाशीलता पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। मुख्य प्रशिक्षक डॉ गोपाल कृष्ण ने संविधान प्रदत्त अधिकारों की सूक्ष्म व्याख्या करते हुए कहा कि इसके उल्लंघन के मामले को गंभीरता से जान लेना भी मानवाधिकार संरक्षण के लिए बड़ा कदम होगा। उन्होंने अल्पसंख्यक शब्द को विस्तार देते हुए कहा कि अल्पसंख्यक वो नहीं है जो जातीय या धार्मिक रूप से संख्या में कम है बल्कि जो वैचारिक रूप से भी अकेला या कम संख्या में है वह भी अल्पसंख्यक है।
इसी प्रकार कई रोचक उदाहरणों एवं दृष्टांतों के माध्यम से मानवाधिकार की सुरक्षा के लिए लोगों को जागरूक किया गया। इसके पूर्व राज्य पार्षद दिनेश कुमार अकेला ने जिले में मानवाधिकार उल्लंघन और उसपर की गई कार्रवाई से संबंधित रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने प्रशिक्षण शिविर में उपस्थित प्रतिनिधियों से कामना की कि प्रशिक्षण में दी गई जानकारियों का इस्तेमाल मानवाधिकारों के संरक्षण में करते रहेंगे।
उद्घाटन सत्र में अध्यक्ष डॉ ओंकार निराला ने सभी मेहमानों का स्वागत किया और दो दिवसीय कार्यक्रम के आंतरिक महत्व को उजागर किया। आखिरी सत्र में ग्रुप डिस्कशन का आयोजन किया गया जिसमें मानवाधिकार से संबंधित स्थानीय समस्याओं का आदान प्रदान किया गया और प्रशिक्षक ने समाधान के रास्ते बताए। प्रशिक्षण शिविर में सचिव नारायण पासवान, विप्लेंद्र कुमार, मथुरा पासवान, अवधेश कुमार सिद्धेश्वर प्रसाद सिंह ,मो साहाब आलम, मो इनायतुल्ला कासमी, मुफ्ती सबा उद्दीन, रामबिलास मांझी, सागर भुइयां , रेहाना खातून, रेणु कुमारी, पुष्पा कुमारी समेत सैकड़ों प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
भईया जी की रिपोर्ट