नवादा : वृहद आश्रय गृह की अधीक्षक प्रियंका की मौत के बाद सोमवार की देर शाम नवादा पहुंचे उनके पति गणेश कुमार ने मीडिया से बातचीत में कहा कि एक स्पष्टीकरण ने उसे बर्बाद कर दिया। तबियत खराब होने के कारण 13 को प्रियंका उससे मिलने चली आयी थी। वे घूमने भी गये।
वापस आने पर स्पष्टीकरण मांगा गया कि बिना छुट्टी कैसे चली गयी। जवाब दी कि मुझे नहीं पता था। फिर 24 घंटे में स्पष्टीकरण का जवाब मांगा गया। मैनें ही जवाब बनाकर दिया था। हमलोग एक दूसरे से मिलने के लिए तरस गये थे। इस जटिल प्रक्रिया में काफी झगड़ा बढ़ गया था। हमने एक साथ सीवान में रहने का फैसला कर लिया था।
प्रियंका से सुबह वीडियो कॉल पर बात हो रही थी। हम उसे आने के लिए कह रहे थे। पर वह बोली हम नहीं आ सकते। बहुत समस्या बढ़ जाएगी। इसी बीच वह पंखे के पास चली गयी। हमने मना किया, प्लीज प्रियंका ऐसा नहीं करो। मैने लता मैम को फोन किया कि उसे बचाइए। परंतु गेट बंद था। जिसे वह पुलिस के बिना तुड़वा नहीं सकी। इस बीच 45 मिनट बीत गये। यदि गेट तुड़वा देती तो प्रियंका की जान बचाई जा सकती थी।
भईया जी की रिपोर्ट