– डेढ़ लाख की फिरौती के आरोप में दो दारोगा समेत 4 गिरफ्तार
नवादा : जमुई जिले की पुलिस ने अपहरण व फिरौती से जुड़े मामले में नवादा उत्पाद विभाग के दो पदाधिकारियों समेत चार उत्पाद कर्मियों को गिरफ्तार कर लिया। इनके पास से फिरौती के रूप में वसूले गये डेढ़ लाख रुपये बरामद किये गये हैं। गिरफ्तार किये गये उत्पाद कर्मियों में पकरीबरावां उत्पाद थाने के दो एएसआई व दो होमगार्ड जवान शामिल हैं। इनमें कौआकोल का चेकपोस्ट प्रभारी एएसआई सुजीत कुमार व एएसआई दिलीप कुमार शामिल हैं।
क्रेटा गाड़ी समेत 3 लोगों को पकड़ा था
मामला जिले के कौआकोल थाना क्षेत्र के महुलिया टांड़ से जुड़ा है। बताया जाता है कि गुरुवार की रात चारों उत्पाद कर्मी महुलिया टांड़ में वाहनों की जांच कर रहे थे। इसी बीच क्रेटा गाड़ी में तीन लोगों को पकड़ा गया। सभी लोगों को पकरीबरावां थाने लाया गया। बताया जाता है कि ये लोग शराब के नशे में थे।
जमुई नगर थाने में मामला दर्ज
इधर, तीनों पकड़े गये लोगों में से एक संतोष कुमार ने अपने भाई को फोन से सूचना दिया कि उसे अगवा कर लिया गया है। पांच लाख रुपये लेकर नवादा आ जाओ। इस बीच संतोष के भाई जमुई के नर्वदा गांव के पिंटू कुमार ने जमुई थाने में आवेदन देकर शिकायत दर्ज करायी कि उसके बड़े भाई संतोष कुमार घर से क्रेटा लेकर निकले थे। परंतु वापस नहीं लौटे हैं। उन्हें किसी ने अगवा कर लिया है। इस बीच वादी अपने साला राहुल कुमार एवं चचेरा भाई मनीष को लेकर दो लाख रुपयों के साथ नवादा पहुंचा और पकरीबरावां उत्पाद थाने में क्रेटा गाड़ी छोड़ने के एवज में डेढ़ लाख रुपये दिया।
दो दारोगा, 2 होमगार्ड गिरफ्तार
इधर, अपहरण व फिरौती मामले में जमुई नगर थाना कांड संख्या- 193/26 दर्ज कर जमुई पुलिस पकरीबरावां उत्पाद थाने पहुंची और एएसआई दिलीप कुमार के घर से डेढ़ लाख रुपये बरामद कर लिया। क्रेटा गाड़ी भी बरामद कर ली गयी। इसके बाद चारों को गिरफ्तार कर लिया गया और जमुई थाने लाया गया। जमुई पुलिस द्वारा रिलीज जारी कर मामले की जानकारी दी ।
बिहार से सामने आए इस चौंकाने वाले मामले ने पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। जिस पुलिस पर आम जनता की सुरक्षा और अपराधियों पर लगाम लगाने की जिम्मेदारी होती है, उसी पुलिस के कुछ कर्मियों के कथित रूप से अपहरण जैसे संगीन अपराध में शामिल होने की बात सामने आई है। यह मामला न सिर्फ कानून व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लगाता है, बल्कि जनता के भरोसे को भी गहरी चोट पहुंचाता है।
ऐसे में जिले के पुलिस कप्तान की कार्यशैली पर भी सवालिया निशान है। वैसे इनकी कार्यप्रणाली पर तब भी सवालिया निशान लगा था जब थाना परिसर से लकड़ी चोरी के आरोपी थानेदार को न केवल संरक्षण दिया था बल्कि बगैर किसी वारंट के मामले का पर्दाफाश करने वाले पत्रकार को उसी थानेदार के हाथों गिरफ्तार करा न्याय की धज्जियां उड़ाई थी। बहरहाल इस घटना के बाद पुलिस को कहने के लिए कुछ रह भी गया है क्या?
भईया जी की रिपोर्ट