अरवल – स्वास्थ्य विभाग से संबंधित मासिक समीक्षात्म्क बैठक समाहरणालय सभाकक्ष में आयोजित की गई। बैठक में स्वास्थ्य विभाग अंतर्गत विभिन्न कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की गई। सर्वप्रथम स्वजनगणना अंतर्गत सभी कर्मियों की प्रविष्टि संबंधी प्रखंडवार समीक्षा की गई। समीक्षा के क्रम में पाया गया कि किशोरियों को दिए जाने वाले एच पी वी का सिंगल टीका में जिले की उपलब्धि राज्य स्तर पर चौथे पायदान पर है। इसमें उपलब्धि और बढ़ाने हेतु निर्देशित किया गया। दूसरा खुराक की उपलब्धि काफी खराब पाई गए। 30 अप्रैल तक दूसरा खुराक शत प्रतिशत टीका लगाने का लक्ष्य दिया गया। स्वास्थ्य विभाग के संबंधित पदाधिकारीयों को जिलाधिकारी द्वारा सुधारात्मक कई महत्वपूर्ण आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए।
सभी स्वास्थ्य संस्थान सदर अस्पताल से लेकर अतिरित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तक चिकित्सकों एवं कर्मियों के कर्तव्य तालिका प्रदर्शित करें जिसमें उनके नाम के साथ उनका दूरभाष संख्या भी अंकित रहे ताकि किसी भी मरीजों को कठिनाई न हो। एच पी वी टीकाकरण में लक्ष्य की प्राप्ति हेतु शिक्षा विभाग, आई सी डी एस एवं जीविका को इस कार्य में आवश्यक सहयोग प्रदान करने हेतु निर्देशित किया गया। जिला पदाधिकारी, अरवल अमृषा बैंस की अध्यक्षता में भाव्या पोर्टल की समीक्षा के क्रम में पाया गया कि राज्य स्तर से किए गए रैंकिंग में अरवल जिला का स्थिति काफी संतोष प्रद नहीं है। वर्तमान में सहरसा जिला 14 वे पायदान पर है सदर अस्पताल अरवल में मरीजों के ऑनलाइन कंसल्टेशन में कार्य संतोष प्रद नहीं है। इसके अतिरिक्त कम प्रदर्शन वाले स्वास्थ्य संस्थान के प्रमुख एवं संबंधित चिकित्सक को चेतावनी दी गई।
साथ ही भव्या कार्यक्रम के अन्य इंडिकेटर पर भी आवश्यक सुधार हेतु निर्देशित किया गया। इसके अतिरिक्त जिले के सभी संस्थानों को साफ सफाई, मरीजों के स्वच्छ पानी पीने हेतु आर ओ की व्यवस्था, दवा की उपलब्धता, मरीजों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए सेवा भावना से कार्य करने का निर्देश दिया। उन्होंने जिले में चलाए जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों की अद्यतन स्थिति की जानकारी सभी कार्यक्रम पदाधिकारी से ली एवम आवश्यक सुधार हेतु निर्देशित किया गया। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित संस्थाओं के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को ओपीडी में कमी वाले संस्थान को इसमे सुधार लाने हेतु निर्देशित किया।
वहीं चिकित्सकों को ससमय ड्यूटी करने, संस्थागत प्रसव को बढ़ाने के लिए सभी संस्थानो को निर्देशित किया गया। एएनसी गुणवत्तापूर्वक करने एवं भव्या पोर्टल का रिव्यु कर उसमे सुधार करने हेतु उपस्थित अधिकारियों को निर्देशित किया गया। साथ ही निर्देशित किया गया कि जो मरीज अस्पताल में ओपीडी में दिखाने आते हैं उन्हें निबंधन पश्चात अविलंब चिकित्सक द्वारा देख लिया जाए एवं दवा ससमय उपलब्ध हो जाए एवं अनावश्यक विलंब ना हो इसे सुनिश्चित किया जाए, ताकि एवरेज जर्नी टाइम एवं एवरेज वेटिंग टाइम में आवश्यक सुधार लाया जा सके।
जिले में स्वास्थ्य विभाग मरीजों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास करे, स्वास्थ्य विभाग के समस्त अधिकारी एवं कर्मचारियों के साथ हीं नर्स, पारा मेडिकल स्टाफ, आशा, आदि स्वास्थ्य सुविधा बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयास करे इसे सुनस्चित किया जाए। उन्होंने टीकाकरण, मातृत्व स्वस्थ्य, शिशु स्वास्थ्य, परिवार कल्याण, वेक्टर जनित रोग, गैर संचारी रोग, संस्थागत प्रसव, अस्पताल में प्रसव से जुड़ा सेवाओं को सुदृढ़ करने, हेल्थ एंड वेलनेस केंद्रों का संचालन, आरसीएच पोर्टल पर गर्भवती महिलाओं का डाटा संधारण, एवं अन्य रिपोर्टिंग कार्य में आवश्यक सुधार हेतु निर्देशित किया गया।
साथ ही सरकार द्वारा प्रति हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर सभी प्रकार के वेलनेस एक्टिविटी शत प्रतिशत हो इसे सुनिश्चित किया जाए। सभी हेल्थ एंड वेलनेस केंद्रों पर सरकार के द्वारा निर्धारित दवा सूची के अनुसार दवा की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया गया। सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर विभाग द्वारा निर्धारित जांच संबंधी विवर्णी को स्वास्थ्य संस्थान में प्रदर्शित करने हेतु निर्देशित किया गया ताकि आम नागरिक को संस्थान में कितने प्रकार की जांच होती है इसकी जानकारी हो सके। टेलीमेडिसिन की उपलब्धि पर असंतोषजनक मानते हुए इसकी उपलब्धि और बढ़ने एवं सुधार हेतु निर्देशित किया गया। दवाओं की उपलब्धता के सम्बन्ध में निर्देशित किया गया कि सभी प्रकार की दवाएं स्वास्थ्य संस्थान में उपब्ध रहे। इसे सुनिश्चित किया जाए।
स्वास्थ्य विभाग के उपाधीक्षक को चिकित्सकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा प्रतिदिन सिजेरियन ऑपरेशन द्वारा प्रसव की सुविधा उपलब्ध कराने हेतु निदेशित किया गया। साथ ही भव्या कार्यक्रम में दर्ज किये गये उपस्थिति के आधार पर ही मानदेय , वेतन भुगतान करने हेतु निर्देशित किया गया। सदर अस्पताल में कार्यरत चिकित्सकों की उपस्थिति प्रतिदिन रोगी कल्याण समिति के व्हाट्सएप ग्रुप पर एवं अन्य अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र स्तर तक के सभी चिकित्सकों की उपस्थिति डीएचएस के ग्रूप पर प्रतिदिन भेजना अनिवार्य होगा। इस अवसर पर सिविल सर्जन के अलावा जिला कार्यक्रम प्रबंधक डीसीएम, अनुश्रवण पदाधिकारी, सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, सभी स्वास्थ्य प्रबंधक, सामुदायिक उत्प्रेरक के अलावा प्रखंडस्तरीय स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित थे।
देवेंद्र कुमार की रिपोर्ट