नवादा : नालसा एवं बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना के मार्गदर्शन में आशुतोष कुमार झा, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देश के आलोक में 09 मई 2026 को आयोजित होने वाले राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता के लिए व्यवहार न्यायालय, लाइब्रेरी हॉल में जिले के थानाध्यक्षों की बैठक की गई।
बैठक में उपस्थित थानाध्यक्षों द्वारा प्रस्तुत तामिला प्रतिवेदन की समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान जिन थानों से कम नोटिसों का तामिला प्राप्त हुआ है, उन थानों के थाना प्रभारियों को सख्त हिदायत देते हुए शत-प्रतिशत तामिला सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।सचिव द्वारा उपस्थित थानाध्यक्षों को निर्देश दिया गया कि अधिक से अधिक नोटिसों का तामिला करवाएं तथा पक्षकारों को उपस्थित होने के लिए पंचायत एवं ग्राम स्तर पर पहल करें, क्योंकि निर्गत नोटिसों के तामिला के आधार पर ही लोक अदालत की सफलता निर्भर करती है। अतः निर्गत नोटिसों के शत-प्रतिशत तामिला पर बल दें।
बैठक के क्रम में संबंधित थानों में तामिला हेतु भेजे गए नोटिसों का अधिक से अधिक तामिला करवाने एवं तामिला प्रतिवेदन कार्यालय को उपलब्ध कराने हेतु निर्देशित किया गया, ताकि अधिक से अधिक सुलहनीय योग्य वादों का निष्पादन सुलह-समझौते के आधार पर किया जा सके। बैठक में राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता हेतु सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अतिरिक्त जिले के विभिन्न थानों यथा—नगर थाना, नवादा, है मुफस्सिल, हिसुआ, रजौली, अकबरपुर, काशीचक, मेसकौर, वारिसलीगंज, रोह, पकरीबरामा, गोविन्दपुर, परनाडाबर, कादिरगंज, सीतामढ़ी, थाली, नेमदारगंज, रूपौ, धमौल, शाहपुर, बुंदेलखंड थाना के थाना अध्यक्ष/थाना प्रभारी उपस्थित हुए।
न्यायिक पदाधिकारियों की बैठक
राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल आयोजन के उद्देश्य से प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार की अध्यक्षता में न्यायमंडल के न्यायिक पदाधिकारियों के साथ बैठक की गई।
बैठक में सभी प्रकार के सुलहनीय आपराधिक वादों में निर्गत नोटिसों की न्यायालयवार समीक्षा की गई, जिसमें सभी न्यायिक पदाधिकारियों द्वारा अपने-अपने न्यायालयों से निर्गत नोटिसों के बारे में जानकारी दी गई तथा निष्पादन हेतु चिन्हित वादों पर चर्चा की गई। उक्त बैठक में सुलहनीय योग्य आपराधिक वाद, माप-तौल, श्रम एवं वन वाद, वैवाहिक वाद तथा एम.वी. क्लेम वादों की न्यायालयवार चिन्हित सूची के आधार पर सुलहनामा हेतु तैयार वादों में निर्गत नोटिसों के तामिला के आधार पर निष्पादन करने का निर्देश दिया गया। बैठक में मनी सूट एवं धारा 138 एन.आई. एक्ट के संबंध में भी चर्चा की गई।
सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा जी.ओ. वादों में पक्षकारों के विरुद्ध आवश्यकतानुसार वारंट निर्गत करने के संबंध में न्यायिक पदाधिकारियों को निर्देशित किया गया। उन्होंने बताया कि पूर्व बैठक (प्री-सीटिंग) के माध्यम से सुलहनीय आपराधिक वादों में काउंसिलिंग कर सुलह के आधार पर वादों का निष्पादन किया जाए तथा ऐसे सभी वाद, जिनमें पूर्व में सुलहनामा आवेदन अभिलेख पर उपलब्ध है या अभिलेख में दाखिल किया गया है, उनमें पक्षकारों पर निर्गत नोटिसों के तामिला के आधार पर निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।
साथ ही माननीय उच्च न्यायालय, पटना के पत्रांक 31818-31854 दिनांक 08.04.2026 के निर्देश के आलोक में vulnerable witness (संवेदनशील साक्षी) के संबंध में सभी न्यायिक पदाधिकारियों के साथ एक बैठक भी सम्पन्न हुई। बैठक में प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश (प्रथम, द्वितीय, तृतीय, पंचम, ग्यारह), विशेष न्यायाधीश अनुसूचित जाति/जनजाति, अनन्य विशेष न्यायाधीश उत्पाद (प्रथम एवं द्वितीय), अनन्य विशेष न्यायाधीश पॉक्सो, मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, अनुमंडल न्यायिक दण्डाधिकारी सहित न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी एवं अन्य पदाधिकारीगण उपस्थित थे।
भईया जी की रिपोर्ट