नवादा : साइबर थाना पुलिस ने एक बड़े फर्जी सिम नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार किया। यह नेटवर्क साइबर अपराधियों को सिम कार्ड उपलब्ध करा रहा था, जिसके तार देश के कई राज्यों से जुड़े हैं। इस धंधे से 40 लाख रुपये के करीब धोखाधड़ी का खुलासा हुआ है। गिरफ्तार आरोपियों में रोह बाजार निवासी सतेन्द्र कुमार, राजेश कुमार और सौरभ कुमार शामिल हैं। पुलिस ने इनके ठिकानों से बड़ी संख्या में सिमकार्ड, आधार समेत अन्य दस्तावेज, फिंगरप्रिंट रीडर, मोबाइल, एटीएम कार्ड और कई डिजिटल उपकरण बरामद किये हैं।

56 मोबाइल नंबरों के खिलाफ मिलीं 72 साइबर शिकायतें
पुलिस के अनुसार, संदिग्ध पीओएस एजेंटों के तकनीकी सत्यापन के दौरान आधुनिक ऑनलाइन सेंटर, रोह के पीओएस एजेंट कोड से जारी 56 मोबाइल नंबरों के खिलाफ राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर 72 शिकायतें मिलीं। शिकायतों का संबंध पश्चिम बंगाल, ओडिशा, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, केरल, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, छत्तीसगढ़ और बिहार समेत कई राज्यों से है। पुलिस के अनुसार, इन नंबरों से जुड़ी साइबर धोखाधड़ी में रिपोर्ट की गयी राशि करीब 39.76 लाख रुपये है।
राशन और जॉब कार्ड बनवाने के नाम पर लिये जाते थे अंगूठे और फोटो
9 सितंबर को साइबर थाना पुलिस ने सीसीएसयू पटना की टीम और सशस्त्र बल के सहयोग से आधुनिक ऑनलाइन सेंटर में छापेमारी कर सतेन्द्र कुमार को गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान 54 नये पैक सिमकार्ड, नौ सिम, चार मोबाइल, लैपटॉप, फिंगरप्रिंट रीडर, हार्ड डिस्क, क्यूआर स्कैनर, वाई-फाई राउटर, सीपीयू, मेमोरी कार्ड, बैंक पासबुक और एटीएम कार्ड समेत अन्य सामान बरामद किये गये।
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में सतेन्द्र ने अपने भाई राजेश कुमार और सौरभ कुमार के साथ मिलकर फर्जी सिम जारी कर उन्हें साइबर अपराधियों तक पहुंचाने की बात स्वीकार की। पुलिस के अनुसार, गरीब और अनपढ़ लोगों को राशन कार्ड और जॉब कार्ड बनवाने के नाम पर बुलाया जाता था। इस दौरान उनका अंगूठा और फोटो लिया जाता था। इन्हीं विवरणों के आधार पर कथित रूप से सिम जारी कर उसे साइबर अपराधियों को करीब दो हजार रुपये प्रति सिम बेच दिया जाता था।

सौरभ और राजेश के ठिकानों से भी बड़ी बरामदगी
सतेन्द्र की निशानदेही पर बेलडीह स्थित सौरभ कुमार के घर पर छापेमारी की गयी। यहां से मोबाइल, एटीएम कार्ड, सिम, मेमोरी कार्ड, बैंक पासबुक और चार क्यूआर स्कैनर बरामद किये गये। इसके बाद पुलिस ने राजेश कुमार के किराये के फ्लैट और दुकान पर कार्रवाई की। यहां से मोबाइल के अलावा 17 सिमकार्ड, 12 एटीएम कार्ड, चेकबुक, पासबुक, नकदी, 80 आधार कार्ड, नौ पैन कार्ड, तीन प्रधानमंत्री श्रम कार्ड, दो आयुष्मान कार्ड, वोटर आइडी, फिंगरप्रिंट रीडर, पेन ड्राइव और अन्य डिजिटल उपकरण बरामद किये गये।
कई राज्यों में साइबर अपराध से जुड़ाव की जांच
पुलिस ने तीनों आरोपियों के मोबाइल और सतेन्द्र की पीओएस आइडी से जारी नंबरों की साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल और समन्वय पोर्टल पर जांच की। जांच में कई नंबरों के खिलाफ अलग-अलग राज्यों में साइबर अपराध से संबंधित शिकायतें मिलने की बात सामने आयी है। पुलिस अब बरामद डिजिटल उपकरणों और दस्तावेजों की जांच कर रही है।

फर्जी सिम नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश
पुलिस के अनुसार, जांच के माध्यम से फर्जी सिम नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तथा इन सिमकार्ड का इस्तेमाल कर किये गये साइबर अपराधों की कड़ियां खंगाली जा रही हैं। पुलिस बरामद दस्तावेजों और डिजिटल उपकरणों के आधार पर पूरे नेटवर्क की भूमिका की जांच कर रही है।
भईया जी की रिपोर्ट
